फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने कहा : जेलों की दशा सुधारने में गंभीर नहीं है सरकार, अगली सुनवाई पर मौजूद रहें मुख्य सचिव

Thu, 08 Sep 2022 10:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोर्ट ने महानिबंधक को आदेश की प्रति प्रदेश के मुख्य सचिव को प्रेषित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर की खंडपीठ ने बच्चे लाल की जनहित याचिका सहित अन्य याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश की जेलों की दशा सुधारने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सरकार की तरफ  से पक्ष न रखकर सुनवाई टालने के अनुरोध को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिखाई दे रही। कोर्ट ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 27 सितंबर को महाधिवक्ता को सरकार का पक्ष रखने के लिए बुलाया और कहा है कि मुख्य सचिव सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहें।

विज्ञापन



कोर्ट ने महानिबंधक को आदेश की प्रति प्रदेश के मुख्य सचिव को प्रेषित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर की खंडपीठ ने बच्चे लाल की जनहित याचिका सहित अन्य याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।

Trending Videos
विज्ञापन

कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही अपर शासकीय अधिवक्ता जय नारायण ने कोर्ट से सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। कहा, जिन्हें बहस करनी है, उनमें से कोई सरकारी अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित नहीं है। इसलिए सुनवाई आज के लिए टाल दी जाय। इसे कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए अगली सुनवाई पर महाधिवक्ता और मुख्य सचिव को उपस्थित रहने को कहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें