इलाहाबाद हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने हलफनामा दाखिल कर जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण कोष न्यास की अधिवक्ता कल्याण निधि के स्टेट बैंक आफ इंडिया के खाते में धनराशि जमा कर दी गई है। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा ने कहा था कि अधिवक्ता कल्याण निधि का साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये सरकार ने जमा नहीं किया है। काउंसिल के पास एक दिन का विरोध दिवस मनाने के आह्वान के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है।
कोर्ट ने आए दिन बेवजह जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल को लेकर बार काउंसिल को बुलाया था। काउंसिल द्वारा फंड का मुद्दा उठाने पर सरकार ने यह जानकारी दी। जयराम की जनहित याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला की खंडपीठ ने की। महाधिवक्ता अधिवक्ता कल्याण निधि के पदेन अध्यक्ष व प्रमुख सचिव न्याय पदेन सचिव हैं। धन अवमुक्त करने के मुद्दे पर अगली तिथि को कोर्ट विचार करेगी।
वकीलों की हड़ताल के मुद्दे पर वरिष्ठ अधिवक्ता ओझा ने कहा कि बार काउंसिल जिला बार एसोसिएशन की हड़ताल को लेकर गाइडलाइंस बनाएगी। जिससे हड़ताल को नियंत्रित किया जायेगा, ताकि अनावश्यक छोटे मुद्दों पर हड़ताल से अदालती कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न न हो। कोर्ट ने बार काउंसिल के चेयरमैन से इस मामले में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।