याची ने पिपराइच थाने में एक एफआईआर धारा 457, 380 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज कराई। विवेचना के दौरान छह अगस्त 22 को पुलिस ने प्रमोद को गिरफ्तार किया। सात अगस्त को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर सात अगस्त से 20 अगस्त की रिमांड ली।
उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल न भेजकर पुलिस अभिरक्षा में रखा गया। आठ अगस्त 22 को उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर 10 चोटें पाई गईं। इन्हीं चोटों के कारण मौत बताई गई है। पुलिस अभिरक्षा में मौत के बाद मृतक के भाई ने याची तथा गांव वालों के खिलाफ पिटाई करने से मौत का आरोप लगाया है। इससे विरोधाभास की स्थिति स्पष्ट करने के लिए एसएसपी व विवेचना अधिकारी को हाजिर होने का निर्देश दिया गया है।