मंडी में बेचने के लिए लाए गए बकरे।
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करैलाबाग रोड में पेड़ की छांव में बकरा बेच रहे खीरी निवासी हरिश्चंद्र ने बताया कि उनके पास 20,000 से 25,000 रुपये के सात राजस्थानी और देसी बकरे हैं। उन्होंने इन्हें 5,000-5,000 रुपये में पिछले साल बकरीद से पहले खरीदा था। उन्होंने बताया कि एक साल के ऊपर उम्र वाले बकरों को ही लोग कुर्बानी के लिए ले जाते हैं। एक साल से ज्यादा उम्र के बकरों की पहचान उनके दांत होते हैं।
करेली के अस्करी मार्केट मोड के पास भी बकरें की मंडी लग रही है। मूरतगंज के बकरा व्यापारी साकिब ने बताया कि उनके पास 40,000 का राजस्थानी बकरा है। उनके पास देसी नस्ल में सबसे महंगा बकरा 30,000 का था। उन्होंने बताया कि इस बार राजस्थानी नस्ल के बकरे 65,000 से 70,000 रुपये तक बिके हैं। अकबरपुर निवासी मो. आफताब ने बताया कि बकरे इस बार महंगे हैं। कौशाम्बी के सरायअकिल के व्यापारी इम्तियाज अली, कुंवर बहादुर और मो. सलीम ने बताया कि उनके पास 10,000 से 18,000 रुपये तक के बकरे हैं। उनके पास बकरों में देसी और राजस्थानी दोनों हैं। बकरों के दाम ज्यादा हाेने के कारण खरीददार कम आ रहे हैं।