कुएं में गिरने से युवक की मौत के बाद विलाप करते परिजन
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Kaushambi Bizarre News: आमतौर पर कुत्तों को वफादारी का प्रतीक माना जाता है, लेकिन कौशांबी जिले के फतेहपुर के धाता अंतर्गत बबुरारा गांव में एक बकरी ने इसकी मिसाल पेश की है। उसे चराने वाला युवक जब कुएं में गिर गया तो बेजुबान मानी जाने वाली बकरी परिजनों के पास जाकर चिल्ला उठी और फिर उन्हें घटनास्थल तक ले आई।
कुएं से निकालकर युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। बेजुबानों में कुत्ते, गाय, बिल्ली और हाथी की वफादारी की तमाम कहानियां हैं, जो फिल्मों में भी दर्शाई गईं हैं, लेकिन शनिवार को हकीकत में एक बकरी ने वह कर दिखाया, जिसकी शायद कल्पना भी नहीं की जा सकती।
दरअसल, बबुरारा निवासी रघुराज का बेटा अर्जुन (32 वर्षीय) खेती के साथ ही बकरी पालन भी करता था। रघुराज ने बताया कि अर्जुन न सिर्फ बकरियों की देखभाल करता था, बल्कि उसे बेजुबानों से खास लगाव था। बीते रोज दोपहर में अर्जुन बकरियों को चराने के लिए खेत की तरफ गया था।
इस बीच एक अंधे कुएं में वह अचानक गिर गया। देर शाम तक जब अर्जुन घर नहीं पहुंचा तो परिजन उसकी खोजबीन करने लगे। इस दौरान उन्होंने देखा कि कुएं से करीब 500 सौ मीटर दूरी पर अर्जुन की बकरी चिल्ला रही है।
कुएं के पास पहुंचकर फिर चिल्ला उठी बकरी
परिजन जब उसके पास पहुंचे तो वह भागने लगी। परिवार वाले और अन्य ग्रामीण भी उसके पीछे जाने लगे। अचानक बकरी कुएं के पास पहुंचकर फिर चिल्ला उठी। लोगों ने कुएं में झांककर देखा तो जख्मी हाल में अर्जुन पड़ा हुआ था।
इलाज के दौरान अर्जुन की मौत
मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया, तब तक अर्जुन की सांसें चल रहीं थीं। परिजन और ग्रामीण उसे लेकर मंझनपुर स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां इलाज के दौरान रविवार सुबह अर्जुन ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद कानूनी औपचारिकता पूरी की। भले ही अर्जुन को बचाया नहीं जा सका, लेकिन सभी की जुबां पर बेजुबां बकरी की वफादारी की चर्चा आम रही।