नोट बंदी के बाद बैंकों में बेतहाशा रकम जमा करने वालों, बिल्डरों, सराफा समेत अन्य बडे़ कारोबारियों पर आयकर विभाग अपने स्तर से शिकंजा कस रहा है। लेकिन इससे कहीं अधिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) नजर रख रहा है। आरबीआई आधार नंबर और पैन के आधार पर लोगों के खातों में जमा की भारी-भरकम रकम का ब्योरा आयकर विभाग को उपलब्ध करा रहा है। आरबीआई की ओर से आयकर मुख्यालय समेत क्षेत्रीय कार्यालयों को ऐसे लोगों की पूरी सूची उपलब्ध कराई जा रही है। इसके आधार पर आयकर विभाग नोटिस भेजकर आय का स्रोत पूछा रहा है। रकम की सही जानकारी न दे पाने वालों को टैक्स के साथ दोगुना जुर्माना भी भरना होगा।
आठ नवंबर को पांच सौ और हजार के नोट बंद करने के फैसले के बाद से आरबीआई बेहद सक्रिय है, क्योंकि यह तय था कि पुराने नोट जमा करने की समय सीमा निर्धारित होने के बाद भारी मात्रा में काली कमाई कैश में रखे लोग बैंकों का रुख करेंगे। हुआ भी वही, घरों, दुकानों आदि में कैश के रूप में पांच सौ और हजार के नोट में रखी मोटी रकम लेकर बैंकों की भागे। इसके बाद आरबीआई ने कहा कि नौ नवंबर के बाद से बैंकों में तय रकम से अधिक जमा करने वालों की जांच होगी। इससे ऐसे लोगों के पैर तले जमीन खिसक गई।
आरबीआई ने इसके लिए पहले से तैयारी कर रखी थी सो बैंक खातों में अचानक लाखों रुपये जमा करने वालों की सूची तैयार कर ली। यह काम लगातार जारी है। इसी के आधार पर आयकर विभाग लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांग रहा है। कर एवं वित्त सलाहकार डॉ.पवन जायसवाल का कहना है कि जो लोग बिना पैन के बैंक खाता चला रहे हैं या जिन लोगों ने बैंकों में अब तक केवाईसी अपडेट नहीं कराया है, वह भी आयकर के शिकंजे में आने वाले हैं।