प्रयागराज जंक्शन दो छोटी बच्चियां शुक्रवार को आरपीएफ कर्मियों को रोते हुए मिली। उन दोनों बच्चियों को आरपीएफ थाने लाया गया। इस दौरान पूछताछ में मालूम पड़ा कि दोनों आजमगढ़ की रहने वाली हैं और खेल-खेल में वह ट्रेन में सवार होकर प्रयागराज जंक्शन पहुंच गई। बाद में दोनों बच्चियां चाइल्ड लाइन को सुपूर्द कर दी गईं।
आरपीफ प्रभारी शिवकुमार सिंह शुक्रवार को गश्त कर रहे थे। इसी दौरान फुट ओवर ब्रिज पर दो छोटी बच्चियां उन्हें रोते हुए मिली। वह दोनों अपना घर ढूंढ रही थी। पूछताछ हुई तो पता चला दोनों आजमगढ़ की रहने वाली हैं। वहां खेल-खेल में वह किसी ट्रेन में चढ़ गई और जब ट्रेन प्रयागराज जंक्शन पहुंची तो दोनों उतर गई। इसमें बड़ी बच्ची की उम्र आठ वर्ष, जबकि छोटी की उम्र मात्र चार वर्ष बताई जा रही है।
दोनों ही बच्चियां भूखी थी। उन्हें भोजन करवाने के बाद उनका नाम पता पूछा गया। बड़ी बच्ची ने सिर्फ इतना बताया कि वह आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के निकट किसी झोपड़ी में रहती है। उसने अपना नाम गंगा पुत्री करिया बताया, जबकि दूसरी बच्ची अपना नाम नहीं बता सकी। बाद में आरपीएफ ने इसकी आजमगढ़ पोस्ट पर इसकी सूचना भेज दी। वहीं चाइल्ड लाइन को भी जानकारी दी। चाइल्ड हेल्पलाइन से सुपरवाइजर सीमा पाल और नितीश कुमार को दोनों बच्चियां सौंप दी गईं।