इसके बाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद से ज्ञान प्रकाश के फेसबुक और मैसेंजर चैट को रिकवर किया। पता चल गया कि ज्योति नाम की लड़की से उसकी चैट होती थी, उसी ने बुलाया है। फेसबुक पर जो मोबाइल नंबर डाला गया था, वह भी फर्जी पते पर था। एकाउंट भी घटना वाली रात से एक्टिव नहीं था। हालांकि ईएमईआई नंबर से पुलिस ज्योति तक पहुंच गई। ज्योति का नाम आफरीन था। उसका पति इरफान मुंबई में रहता है। उसके पकड़े जाने के बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने लाल गोपालगंज की ज्योति उर्फ आफरीन के साथ शैलेंद्र गुप्ता उर्फ शालू निवासी दनियालपुर और दिलशाद निवासी दनियालपुर को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी गंगापार एनके सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी अहलादपुर का रहने वाला वसीम है। वसीम की गर्लफ्रेंड से ज्ञानप्रकाश ने दोस्ती कर ली थी। यह बात वसीम से बर्दाश्त नहीं हो पा रही थी। उसने ज्ञान प्रकाश को रास्ते से हटाने का निर्णय ले लिया। अपने षड्यंत्र में उसने आफरीन को शामिल किया। उसे एक सिम दिया, जिस पर उसने ज्योति के नाम से फेसबुक प्रोफाइल बनाया।
ज्योति ने फेसबुक पर ज्ञानप्रकाश से दोस्ती कर ली। उसे अपनी खूबसूरत फोटो भेजकर पूरी तरह अपने जाल में फंसा लिया और घटना वाली रात ज्ञान प्रकाश मैसेंजर पर चैट कर मिलने के लिए बिगहियां क्रासिंग बुलवा लिया। वहां वसीम अपने साथियों जावेद उर्फ सोनू और दिलशाद के साथ इंतजार कर रहा था। ज्ञान प्रकाश जैसे ही पहुंचा, उसे दो गोलियां मारी गईं और उसका मोबाइल पर्स लूट लिया गया। एसपी ने बताया कि वसीम और जावेद की तलाश की जा रही है।
मोबाइल और सिम नष्ट करने पर पकड़ा गया शैलेंद्र
ज्ञानप्रकाश की हत्या के बाद वसीम ने अपने दोस्त शैलेंद्र को आफरीन उर्फ ज्योति के पास भेजा और वह मोबाइल मंगवा लिया, जिससे उसकी ज्ञानप्रकाश से चैटिंग होती थी। शैलेंद्र ने मोबाइल और सिम कूंचकर फेंक दिया। हत्या में सहयोग के कारण शैलेंद्र को भी गिरफ्तार किया गया।
पहले खुद लड़की बनकर ज्ञानप्रकाश से किया था चैट
शातिर अपराधी वसीम पहले एक लड़की की प्रोफाइल बनाकर ज्ञानप्रकाश से चैट करने लगा था लेकिन ज्ञान को शक हो गया तो उसने वसीम की लड़की वाली फर्जी प्रोफाइल को ब्लाक कर दिया। इसके बाद वसीम ने आफरीन उर्फ ज्योति की मदद ली।