इसके बाद भी पुलिस ने सिर्फ एक अभिषेक सिंह उर्फ सनी को ही गिरफ्तार किया था। बाकी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। पीड़िता के घरवाले पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे तो वहां पर किसी अफसर के पास कोई जवाब नहीं था कि जब पीड़िता ने 164 के बयान में चारों आरोपियों के नाम लिए तो सिर्फ एक के खिलाफ क्यों कार्रवाई हुई। तब तक दो विवेचकों ने मामले की विवेचना की थी। तत्कालीन सीओ नवीन नायक और वर्तमान सीओ मेजा सच्चिदानंद ने उनकी विवेचना को स्वीकृत किया था।
हाईकोर्ट विवेचकों और सीओ के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। रविवार को दो विवेचकों मुन्ना लाल और मो. अजहर को सस्पेंड कर दिया गया था। एडीजी प्रेम प्रकाश ने दोनों क्षेत्राधिकारियों नवीन नायक और सच्चिदानंद को सस्पेंड करने की संस्तुति शासन से की थी। सोमवार रात दोनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया।
- हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में दोनों क्षेत्राधिकारियों के निलंबन की संस्तुति की गई थी। सोमवार रात दोनों अधिकारियों को शासन ने निलंबित कर दिया। प्रेम प्रकाश, एडीजी, प्रयागराज जोन