दूसरे सत्र में सभी 20 प्रश्नों को हल करना था अनिवार्य
पहले सत्र में सामान्य हिंदी एवं निबंध की परीक्षा थी, जबकि दूसरी पाली में विषयों की परीक्षा थी। पहले सत्र की परीक्षा दो घंटे की थी, जिसमें सभी प्रश्न अनिवार्य थे। इनमें अधिकतम एक हजार शब्दों की सीमा तक निबंध भी लिखना था। दूसरे सत्र में हुई विषय की परीक्षा में सभी 20 प्रश्नों को हल करना अनिवार्य था।
खंड ‘अ’ से पांच सामान्य उत्तरीय प्रश्न पूछे गए जिनके उत्तरों की शब्द सीमा 250, खंड ‘ब’ से पांच लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे गए जिनकी शब्द सीमा 150 और खंड ‘स’ से 10 अति लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे गए जिनके उत्तरों की शब्द सीमा 50 थी।
मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी रमेश कुमार के अनुसार दूसरे सत्र का पेपर कुछ ज्यादा लंबा था और समय कम था, ऐसे में पेपर हल करने में दिक्कत आई। परीक्षा में शामिल हुए प्रदीप यादव, शैलेष, आशुतोष शर्मा, सुरजीत, अभिनव को भी पेपर लंबा लगा। हालांकि सभी अभ्यर्थियों का यह मानना है कि सवाल स्तरीय और संतुलित थे।
दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल नहीं हुए 18 अभ्यर्थी
पहली पाली की परीक्षा में शामिल होने के बाद 18 अभ्यर्थियों ने दूसरी पाली की परीक्षा छोड़ दी। माना जा रहा है कि पहली पाली का पेपर खराब होने के कारण वे दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल नहीं हुए। प्रयागराज और लखनऊ के 33 केंद्रों में हुई मुख्य परीक्षा के लिए 14071 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से पहली पाली में 12835 और दूसरी पाली में 12817 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
विषयवार उपस्थिति
विषय - उपस्थित (प्रतिशत में)
हिंदी - 89.7
अंग्रेजी - 89.07
भौतिक विज्ञान - 92.02
रसायन विज्ञान - 90.79
जीव विज्ञान - 91.92
गणित - 93.3
संस्कृत - 86.33
अर्थशास्त्र - 90.23
नागरिक शास्त्र - 90.93
भूगोल - 90.24
इतिहास - 93.06
समाजशास्त्र - 92.93
शिक्षाशास्त्र - 89.55
उर्दू - 94.58
वाणिज्य - 93.75
गृह विज्ञान - 95.93