इस पर डॉक्टरों ने पहले छात्रा को मनोचिकित्सक के पास भेजकर उसकी काउंसलिंग करायी। जहां शारीरिक व मानसिकरूप से उसे स्वस्थ पाया गया। साथ ही मनोचिकित्सकों ने पाया कि छात्रा के अंदर जेंडर आईडेंटिटी डिसऑर्डर है। इसमें लोगों को प्रकृति से मिले अपने शरीर के जेंडर को लेकर घुटन होने लगती है। इस पर अस्पताल के डॉक्टरों ने बालिग होने के कारण छात्रा से शपथ पत्र लिया और उसके ऑपरेशन की तैयारी में जुट गए।
छात्रा का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर मोहित जैन ने बताया कि युवती के पुरुष बनने की प्रक्रिया में केवल शारीरिक परिवर्तन ही नहीं होंगे। उसके हाव भाव को भी बदला जाएगा। उसकी दाढ़ी मूछ भी उगाई जाएंगी। इसके लिए उसे टेस्टोरान हार्मोन थेरेपी दी जाएगी। जिससे उसके भीतर का पुरुषत्व जागेेगा और उसके अंदर पूरी तरह से परिवर्तन आने लगेगा। फिलहाल प्रक्रिया जारी है। डॉक्टर छात्रा की इच्छा पूरा करने में जुटे हैं।
अभी तक दिल्ली और मुम्बई में होता था ऐसा ऑपरेशन
लड़की से पुरुष बनने वाली छात्रा का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि इस प्रकार का ऑपरेशन अभी तक दिल्ली या मुम्बई जेसे महानगरों में होता था। जिसका खर्च 5 से 6 लाख रुपये आता था। जबकि एसआरएन में यह काफी कम पैसों में हो रही है। पूरी प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल है। ऐसे मामलों में युवती में टेस्टोरान हार्मोन धीरे-धीरे प्रत्यारोपित किया जाएगा। जिससे उसमें पुरुषत्व को बढ़ावा मिल सके।
हालांकि की छात्रा का इलाज कर रही एसआरएन अस्पताल की प्रसूति विभाग की प्रमुख डॉ. अमृृता चौरसिया ने मामले में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि यह किसी का बेहद निजी मामला है। इसमें किसी भी प्रकार की बयानबाजी उचित नहीं है। हालांकि अन्य चिकित्सकों ने बताया कि अभी छात्रा का तीसरे चरण का ऑपरेशन यूरोलॉजिस्ट और प्लास्टिक सर्जन से मिलकर होना है।