नैनी स्थित जीईटीएंडडी (पुराना नाम जीईसी) के कर्मचारी नई कंपनी में भी नियुक्त होंगे। उन्हें पुरानी शर्तों और वेतन पर नियुक्त किया जाएगा। उप श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी की मौजूदगी में सभी पक्षों ने सेवा शर्तों पर हस्ताक्षर किए। शर्त के अनुसार कर्मचारियों के बकाया वेतन तथा अन्य देय के रूप में एक मुश्त राशि का भी भुगतान किया जाएगा। शुक्रवार को हुई बैठक में संविदा कर्मचारियों को भी नियुक्त किए जाने पर सहमति बनी।
ट्रांसफार्मर बनाने वाली जीईसी कंपनी 2019 से ही बंद थी। इस कंपनी को तेलंगाना की शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स ने ले लिया है, जिसका निर्णय दिसंबर में ही हो गया था। इसके बाद कैबिनेट ने भी इस मुहर लगा दी। कैबिनेट की बैठक में नई कंपनी के नाम लीज ट्रांसफर करने का भी निर्णय लिया गया था। इस तरह का यह प्रदेश का पहला निर्णय है। इसी क्रम में शुक्रवार को उप श्रमायुक्त कार्यालय में हुई बैठक में कर्मचारियों की नियुक्ति की शर्तें भी तय कर ली गईं।
सुबह से लेकर रात आठ बजे तक चली बैठक में सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक में तय हुआ कि शर्त के बाहर जाकर कर्मचारी अब किसी तरह की मांग नहीं करेंगे। कोई भी पक्ष अब दूसरे फोरम पर विवाद नहीं ले जाएगा। विवादों को यहीं समाप्त समझा जाए। इसके बाद तय मसौदे पर शिरडी साईं के विशाल, जीईसी के अरुण यादव, कर्मचारी नेता अनिल कुमार, आलोक तिवारी, प्रताप नारायण आदि ने हस्ताक्षर किए। उप श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि सभी पक्ष सेवा शर्तों से संतुष्ट हैं।
कंपनी एवं मसौदे के मुख्य बिंदु
- 218 कर्मचारी अब भी नियुक्त हैं कंपनी में
- सभी को पुरानी शर्तों और वेतन पर मिलेगी नियुक्ति
- 7.37 लाख रुपये हर कर्मचारी को देगी जीईसी कंपनी
- 2850 रुपये की मिलेगी वेतन वृद्धि, जनवरी से होगा लागू
- समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले कर्मचारियों को ही मिलेगी नियुक्ति