पिछले वर्ष प्याज-टमाटर के दाम सातवें आसमान पर पहुंच गए थे। अब उसी राह लहसुन भी चल पड़ा है। प्रयागराज में लहसुन का अब तक का सर्वाधिक दाम हो गया है। तमाम फुटकर सब्जी मंडियों में लहसुन का दाम 500 रुपये किलो से ज्यादा भी हो गया है। लहसुन के बढ़ते दाम से लोग खासे परेशान है। क्योंकि सर्दी के मौसम में लहसुन का उपयोग ज्यादा होता है।
बताया जा रहा है कि लहसुन के दाम अभी और बढ़ सकते हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि बेमौसमी बारिश के कारण लहसुन की फसल प्रभावित हुई है। इससे उत्पादन पर असर पड़ा है। कम आवक से कीमतों में इजाफा हुआ है। वहीं, निर्यात प्रतिबंध का असर भी लहसुन की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। मुख्य रूप से लहसुन की खेती मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना आदि राज्यों में ज्यादा होती है। एडीए कालोनी नैनी की निवासी साधना त्यागी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लहसुन बाजार में लगातार 500 रुपये किलो ही बिक रहा है।
पहले इसका अधिकतम दाम 100 से 150 रुपये किलो ही था। इसी तरह लोकनाथ निवासी गोपाल जी मालवीय ने बताया कि इतना महंगा लहसुन उन्होंने पहले कभी नहीं खरीदा। 100 ग्राम लहसुन के लिए भी 50 से 55 रुपये देने पड़ रहे हैं। थोक मंडी मुंडेरा की बात करें तो वहां भी लहसुन की आवक कम हो गई है। मुंडेरा फल सब्जी व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सतीश चंद्र कुशवाहा का कहना है कि पहली बार थोक में लहसुन का दाम 400 रुपये किलो तक पहुंचा है। कहा कि पिछले सप्ताह मंडी में लहसुन का थोक रेट 300 रुपये किलो था।