शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले नकल माफिया केएल पटेल समेत 12 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। सोरांव इंस्पेक्टर ने सभी 12 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज कर ली। गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा चलेगा। इतना ही नहीं आरोपियों की ऐसी संपत्तियों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जो अपराध के पैसों से कमाई गई है। गिरोह के खिलाफ अन्य थानों में जो मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनके बारे में भी जानकारी इकट्ठी की जा रही है।
शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले केएल पटेल और उसके साथियों पर मंगलवार को गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। एफआईआर में केएल पटेल के साथ संतोष बिंद, रुद्रपति दुबे, हरिकृष्ण सरोज, कमल पटेल, संजीत, शशि प्रकाश सरोज, धर्मेंद्र सरोज उर्फ आलोक, ललित त्रिपाठी, धर्मेंद्र कुमार पटेल, विनोद यादव और बलवंत कुमार के नाम शामिल हैं। इंस्पेक्टर राम चरन वर्मा के मुताबिक कपसा बहरिया के रहने वाले केएल पटेल इस गिरोह का सरगना है।
उसने सरकारी नौकरियों में फर्जीवाड़ा करने वालों का एक गिरोह बनाया है। गिरोह से फर्जी कागजात तैयार कर बेरोजगारों को ठगने के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर भी आउट कराते हैं। गिरोह ने कई परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर काफी संपत्ति अर्जित कर ली है। इंस्पेक्टर के मुताबिक जिन लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है, सभी इस समय जेल में हैं। सोरांव में उनके खिलाफ धोखाधड़ी तथा अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। अब गैंगस्टर का भी मुकदमा चलेगा।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ अन्य थानों में जो मुकदमे हुए हैं, सबके बारे में जानकारी इकट्ठी की जा रही है। फर्जीवाड़े से बनाई गई संपत्ति भी जांची जाएगी। जरूरत होने पर अपराध से कमाई संपत्ति पर कुर्की की भी कार्रवाई की जाएगी।
गैंग लिस्ट में चंद्रमा यादव शामिल नहीं
इंस्पेक्टर सोरांव ने केएल पटेल को गिरोह का सरगना मानते हुए कुल 12 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की लेकिन उसमे भाजपा नेता के करीबी रहे चंद्रमा सिंह यादव का नाम शामिल नहीं है। जबकि शिक्षक भर्ती घोटाला में सबसे ज्यादा चर्चा चंद्रमा की ही थी। कई महीनों की जद्दोजहद के बाद उसे हाल में ही पकड़ा गया था। चंद्रमा के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत क्यों नहीं कार्रवाई हुई? इंस्पेक्टर राम चरन वर्मा ने गोल मोल जवाब देते हुए कहा कि अभी लिस्ट उन्होंने नहीं देखी है। देखकर बताते हैं।