गंगा-यमुना का जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। इससे दोनों नदियों के किनारे वाले इलाकों पर रहने वाले हजारों परिवारों पर बाढ़ का खतरा मंडराने रहा है। हालांकि दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से अभी बहुत दूर है लेकिन जलस्तर के बढ़ने की रफ्तार इसी तरह रही तो छह-सात दिन में खतरे के निशान पर पहुंच जाएगा। प्रशासनिक अफसरों का मानना है कि हरिद्वार और एमपी में हो रही बारिश के कारण जलस्तर बढ़ रहा है।
फाफामऊ में रविवार को गंगा का जलस्तर 80.81 मीटर दर्ज किया गया। फाफामऊ में गंगा 18 सेंटीमीटर बढ़ीं। वहीं, छतनाग में गंगा के जलस्तर में 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। वहां गंगा का जलस्तर 79.48 मीटर पर पहुंच गया है। यमुना का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार सबसे अधिक है। शनिवार को नैनी में यमुना का जलस्तर 33 सेंटीमीटर बढ़कर 80.23 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण कछारी इलाकों में हड़कंप मचा है और लोगों ने गृहस्थी समेट रहे हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने भी सभी संबंधित विभागों को एलर्ट कर दिया है। साथ ही बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।