फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आम उपभोग की वस्तुओं के भाव नहीं होंगे कम

Mon, 08 Aug 2016 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
GST BILL
विज्ञापन
जीएसटी लागू होने के बाद भले पूरे देश में वस्तुओं की कीमत सामान्य हो जाएं, लेकिन आम उपभोग की वस्तुओं के दाम कम होने के बजाए और बढ़ जाएंगे। ऐसा इसलिए कि रोजमर्रा इस्तेमाल की ज्यादातर वस्तुओं पर 18 प्रतिशत या उससे अधिक टैक्स भरना होगा। व्यापारी इसके खिलाफ हैं। उनका कहना है कि अधिक टैक्स का बोझ सीधे जनता पर पड़ेगा। इसलिए आम उपभोग की वस्तुओं पर टैक्स का प्रतिशत कम होना चाहिए।
विज्ञापन


खाद्य सामग्री, जनरल मर्चेंट, रेडीमेड वस्त्र, कागज, स्टेशनरी जैसी आम उपभोग की वस्तुओं पर वर्तमान में पांच प्रतिशत वैट लगता है, लेकिन जीएसटी लागू होने पर इससे जुड़ी सभी वस्तुओं पर टैक्स 18 प्रतिशत भरना होगा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा का कहना है कि आम उपभोग की अधिकतर वस्तुओं पर वैट पांच प्रतिशत है। इन पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाना कहीं से उचित नहीं है। ऐसा करने से ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीजों की कीमतें काफी अधिक बढ़ जाएंगी। कापी, स्टेशनरी शिक्षा से जुड़ी चीजें हैं। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।

गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश केसरवानी का कहना है कि केंद्र सरकार जीएसटी लागू होने पर जिस तरह चीनी, चावल दाल को करमुक्त करने की योजना बना रही है, उसी तरह आम उपभोग की वस्तुओं पर टैक्स कम लगाने पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। मुंडेरा मंडी सब्जी फल व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुशवाहा का कहना है कि मंडी शुल्क को जीएसटी से अलग रखने की तैयारी है। भले ही इसे शुल्क के तौर पर वसूला जाता है लेकिन व्यापारी इसे टैक्स ही मानते हैं, सो इसे भी जीएसटी में शामिल किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें