मंचीय और गैर-मंचीय प्रतियोगिताओं में दिखी प्रतिभा
प्रतियोगिता के तहत विद्यार्थियों के लिए मंचीय और गैर-मंचीय गतिविधियां आयोजित की गईं। ट्रेंडसेटर्स और मैजिकल फीट जैसी मंचीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं, जॉन्टी फिंगर्स, फोकलोर फेसेज़ और डिजिटल मंथन जैसी गैर-मंचीय प्रतियोगिताओं में रचनात्मकता, कलात्मक कौशल और तकनीकी समझ की झलक देखने को मिली। देसी बीट्स की रंगारंग प्रस्तुतियों ने भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं को जीवंत कर दिया।
प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया था। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का बारीकी से आकलन किया। मुख्य अतिथि मुकेश उपाध्याय ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रतिभा की सराहना की। समापन समारोह में विशिष्ट अतिथि नेहा गुप्ता की मौजूदगी में विजेताओं के नाम घोषित किए गए और उन्हें पुरस्कृत किया गया।
इन विद्यालयों ने हासिल किए प्रमुख स्थान
ट्रेंडसेटर्स प्रतियोगिता में गंगा गुरुकुलम ने पहला, महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर ने दूसरा और टैगोर पब्लिक स्कूल ने तीसरा स्थान हासिल किया। मैजिकल फीट में गंगा गुरुकुलम प्रथम रहा, जबकि महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर और पतंजलि ऋषिकुल ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया।
जॉन्टी फिंगर्स प्रतियोगिता में आर्मी पब्लिक स्कूल प्रथम, गंगा गुरुकुलम द्वितीय और न्याय नगर पब्लिक स्कूल तृतीय स्थान पर रहा। फोकलोर फेसेज़ में पतंजलि ऋषिकुल ने पहला, गंगा गुरुकुलम ने दूसरा और बेथनी कॉन्वेंट स्कूल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
डिजिटल मंथन प्रतियोगिता में टैगोर पब्लिक स्कूल प्रथम, न्याय नगर पब्लिक स्कूल द्वितीय और गंगा गुरुकुलम तृतीय स्थान पर रहा। वहीं, देसी बीट्स में पतंजलि ऋषिकुल ने पहला, आर्मी पब्लिक स्कूल ने दूसरा और गंगा गुरुकुलम ने तीसरा स्थान हासिल किया।
समग्र प्रदर्शन में गंगा गुरुकुलम बना विजेता
सभी प्रतियोगिताओं में विद्यालयों के प्रदर्शन के आधार पर गंगा गुरुकुलम को प्रथम, पतंजलि ऋषिकुल को द्वितीय और आर्मी पब्लिक स्कूल को तृतीय स्थान मिला। आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ ही अलग-अलग विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से संवाद करने और उनके अनुभव साझा करने का अवसर दिया।
‘कलर्स ऑफ इंडिया-2026’ के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता, परंपराओं के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में रचनात्मकता, सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी प्रोत्साहित किया।