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कछारी इलाकों में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा

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Ganga Flood - फोटो : CITY DESK
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माताटीला से यमुना में 98 हजार और हरिद्वार-नरोरा-कानपुर से गंगा में तीन लाख क्यूसेक फिर छोड़ा गया पानी
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प्रयागराज। गंगा-यमुना के जलस्तर में बृहस्पतिवार को तेज वृद्धि होने से कछार में एक बार फिर बाढ़ का संकट मंडराने लगा। गंगा -यमुना में लगातार वृद्धि हो रही है। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते केन-बेतवा में भी उफान आग गया है। इस वजह से माताटीला बांध से फिर पानी छोड़ा गया। उधर, गंगा में हरिद्वार, नरोरा और कानपुर बांधों से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जल स्तर बढ़ने के आसार हैं। यही रफ्तार बनी रही तो अगले 24 घंटे में कछारी इलाकों में लोगों को फिर घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
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सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम के अनुसार बृहस्पतिवार की रात 10 बजे गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 81.14 मीटर, छतनाग में 80.26 मीटर और नैनी में यमुना का जल स्तर 80.96 मीटर रिकार्ड किया गया। बाढ़ खंड के एक्सईएन बृजेश सिंह के मुताबिक मध्य प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते माताटीला बांध से बुधवार की रात को ही पानी छोड़ा गया था। बृहस्पतिवार की सुबह भी इस बांध से यमुना में 98 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसी तरह गंगा में भी फिर तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। हरिद्वार से 54874 हजार क्यूसेक, नरोरा से 42381 हजार क्यूसेक और कानपुर से 2.35 लाख, 252 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। देर रात गंगा-यमुना में एक-एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि होती रही। अभियंताओं का कहना है कि अगर एमपी के अलावा दूसरे इलाकों में भी 24 घंटे के भीतर अधिक वर्षा हुई और बांधों से पानी छोड़ा जाता रहा तो कछारी इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
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