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प्रयागराज : गंगा एक्सप्रेसवे से जिले के तीन सौ से अधिक गांवों की बदलेगी तकदीर

Sat, 18 Dec 2021 03:55 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ बनेगा औद्योगिक कॉरिडोर, फलदार और छायाकार पौधे भी रोपे जाएंगे। जू़ड़ापुर दांदू में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा एक्सप्रेसवे,सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगेंगे।
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गंगा एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित रुट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रयागराज और प्रतापगढ़ के बीच करीब 40 किमी दायरे के तीन सौ गांवों की किस्मत बदल जाएगी। इस एक्सप्रेस वे के दोनों किनारों पर औद्योगिक कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस औद्योगिक कॉरिडोर से हजारों परिवारों के आर्थिक, सामाजिक जीवन में बदलाव आने की उम्मीद है। इस एक्सप्रेसवे को सोरांव तहसील के जूड़ापुर दांदू गांव में एनएच-19 से इस एक्सप्रेस-वे को मिलाया जाएगा।

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जूड़ापुर दांदू से प्रतापगढ़ से होकर गुजरने वाले इस एक्सप्रेस वे से जिले के विकास की नई इबारत लिखी जाने वाली है। फाइनेंशियल बिड खुलने के साथ ही इसके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस सिक्स लेन एक्सप्रेस वे को औद्योगिक विकास और पर्यावरण दोनों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए एक्सप्रेस वे के दोनों किनारे पर छायाकार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही परियोजना में अधिग्रहित भूमि पर सोलर पावर के माध्यम से सौर ऊर्जा का भी उत्पादन किया जाएगा। इससे  इस एक्सप्रेस वे परियोजना के संचालन के लिए जरूरी ऊर्जा की पूर्ति होगी।

मेरठ से प्रयागराज के बीच बढ़ेगी उद्योगों की आय
एक्सप्रेस -वे परियोजना से जुड़े एक अभियंता ने बताया कि इस गंगा एक्सप्रेस वे से मेरठ से प्रयागराज के बीच सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और उद्योगों की आय को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न उत्पादन इकाइयों, विकास केंद्रों और कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने के लिए एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में सहायक होगा।

अभियंताओं का मानना है कि यह एक्सप्रेस वे खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, भंडार गृह, मंडी और दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेगा। साथ ही लोगों की सुविधाओं के लिए इस एक्सप्रेस वे के किनारे जनसुविधा केंद्रों की भी स्थापना की जाएगी। इसके अलावा परियोजना के आसपास के गांवों के निवासियों के लिए सर्विस रोड भी बनाई जाएगी।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने 36.230 करोड़ रुपये की लागत से 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना की स्वीकृति पिछले साल 26 नवंबर को दी थी। परियोजना के लिए करीब 7386 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें पिछले चार माह में 71,621 किसानों से 90 फीसदी से अधिक भूमि खरीदी गई है। अब तक कुल 82,750 किसानों से 94 फीसदी भूमि खरीदी जा चुकी है।
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अडानी ग्रुप कराएगा गंगा एक्सप्रेसवे का काम
इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर संजीव मित्तल की अध्यक्षता में गठित कमेटी के सामने गंगा एक्सप्रेसवे की फाइनेंशियल बिड खोली जा चुकी है। करीब 36 हजार करोड़ की इस परियोजना के लिए कुल तीन कंपनियों ने बोली लगाई थी। चार चरणों में बांटे गए इस परियोजना के काम के तीन हिस्सों को पूरा करने की जिम्मेदारी अडानी ग्रुप को मिली है, जबकि, मेरठ से अमरोहा तक का काम आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्टर डेवलपर्स को दिया गया है।
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