नवाबगंज पुलिस और गंगापार क्राइम ब्रांच ने व्यापारियों को करोड़ों का टेंडर दिलाने का लालच देकर उनसे लाखों वसूलने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के दो शातिरों को गिरफ्तार कर उनके पास से तकरीबन दस लाख रुपये बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी समेत चार अभी फरार हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। शातिर महंगी गाड़ियां लेकर व्यापारियों से मिलते थे। कोई खुद को नेता बताता तो अधिकारी या उसका रिश्तेदार। दो चार मुलाकातों में वे व्यापारी पर इतना प्रभाव डाल देते कि वह रुपये दे देते। करेली के व्यापारी से 20 लाख की ठगी के बाद पुलिस को इस गिरोह के बारे में पता चला था।
करेली के रहने वाले राज कुमार बिजली उपकरण का व्यवसाय करते हैं। कुछ महीने पहले रामपुर नवाबगंज का रहने वाला राहुल सिंह अपने साथियों के साथ उनसे मिला था और खुद को नेता बताते हुए उन्हें तीन करोड़ का टेंडर दिलाने की बात कही। राहुल के साथ व्यवसायी से कई लोग मिले थे। किसी ने खुद को अधिकारी बताया था तो किसी ने अधिकारी का रिश्तेदार।
राज कुमार से कहा गया कि 20 लाख दे दें तो उन्हें बिजली विभाग में तीन करोड़ का टेंडर दिला दिया जाएगा। राजकुमार ने रुपये दे दिए। इसके बाद शातिरों ने फोन उठाना बंद कर दिया। फिर धमकी भी दी गई। राजकुमार ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। एसपी गंगापार धवल जायसवाल के मुताबिक जांच में गिरोह के बारे में जानकारी मिली।
यह भी पता चला कि गिरोह ने कई और बड़े व्यापारियों से लाखों ठगे हैं। सोमवार को नवाबगंज के रसूलपुर से अंकित सिंह और दीपक कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से तकरीबन दस लाख रुपये और आठ बम बरामद हुए हैं। मुख्य आरोपी राहुल सिंह समेत सूर्यबख्श सिंह, गोरे पासी और अमित सिंह को नामजद किया गया है। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।