प्रयागराज के संग्रहालय में रखा हुआ ‘गांधी स्मृति वाहन’ सोमवार से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। राज्यपाल राम नाईक के आगमन से पहले इस वाहन को संग्रहालय परिसर में फूलमाला से सजाकर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके बाद कुंभ तक लोग गांधी स्मृति वाहन को पास से निहार सकेंगे। रविवार की शाम वाहन की साफ-सफाई शुरू करा दी गई। यह वही वाहन है जिस पर 12 फरवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अस्थिकलश को रखकर विसर्जन के लिए संगम तक ले जाया गया था। अब यह गांधी स्मृति वाहन सोमवार से आम लोगों के लिए संग्रहालय परिसर में प्रदर्शित कर दिया जाएगा।
गांधी स्मृति वाहन को सोमवार से लोग निहार सकेंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संग्रहालय प्रशासन की ओर से इस वाहन को फूलमाला से सजाने का काम सुबह ही शुरू कर दिया जाएगा। इसे परिसर में राज्यपाल रामनाईक के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। 31 दिसंबर से 10 मार्च तक यह वाहन परिसर में ही आम लोगों के लिए रखा जाएगा। निदेशक सुनील गुप्ता ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि फोर्ड कंपनी के इसी वाहन पर बापू के अस्थि कलश को रखकर संगम तट तक ले जाया गया था। तब बापू के अस्थि कलश के साथ इस वाहन पर पं. जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल और गोविंद वल्लभ पंत सवार थे। रविवार को इस वाहन के चालक अखिलेश ने वाहन को स्टार्ट कर सफाई कराई। संग्रहालय के बामन वानखेड़े ने बताया कि गांधी स्मृति वाहन चालू हालत में है। इसे आम वाहनों की तरह सड़कों पर दौड़ाया जा सकता है।