कुंभ मेला शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। इस बीच भगवा कपड़े पहने एक फ्रांसीसी पूरे संगमनगरी में चर्चा का विषय बना हुआ है। इनका नाम है डेनियल। भारत से हजारों किलोमीटर दूर फ्रांस जो फैशन और आधुनिक दुनिया का एक प्रमुख देश माना जाता है, वहां से विलासिता पूर्ण जीवन और अपना बिजनेस छोड़कर डेनियल 30 साल पहले शांति की तलाश में भारत आए थे और यहीं के होकर रह गए।
डेनियल जवानी में आए थे और इसके बाद निरंजनी अखाड़े के देवगिरी संत के संपर्क में आए उन्हें सनातन धर्म और अखाड़े की दिनचर्या ऐसी भाई की उन्होंने अपना धर्म परिवर्तित कर लिया और देवगिरी जी को अपना गुरु बना लिया। यही नहीं उन्होंने हिंदु धर्म अपनाकर अपना नाम परिवर्तित कर लिया और डेनियल से 'भगवान गिरी' हो गए। इस बीच डेनियल ने थोड़ी हिंदी भी सीख ली है।
डेनियल बाबा या भगवान गिरी कुंभ में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। परंपरावादी अखाड़े के लोग डैनियल को अपना गुरु भाई समझते हैं उनके साथ बैठना, खाना पीना, ध्यान योग पर चर्चा भी करते हैं। डेनियल अपने साथियों के साथ ही भोजन करते हैं और साधु जीवन का पूरी तरह पालन करते हैं। डेनियल बाबा कुंभ खत्म होने तक प्रयागराज में ही रहेंगे।
भगवान गिरी अपने पारिवारिक और पिछले इतिहास पर चर्चा नहीं करना चाहते, लेकिन वह बताते हैं कि वह फ्रांसीसी नागरिक हैं और भारत की आबोहवा उन्हें बहुत भाई। सनातन धर्म उन्हें सबसे अच्छा धर्म और शांति प्रिय धर्म लगा इसलिए वह अपना आगे का जीवन इसी की साधना में आगे बढ़ा रहे हैं। अब वह साधुओं की परंपरा के अनुसार योग करते हैं, ध्यान करते हैं, भजन और धुनी भी लगाते हैं ।
डेनियल फिलहाल कुंभ में आनंद अखाड़े की धर्म ध्वजा की स्थापना में शामिल हुए थे। उनका कहना है कि अब वह कुंभ तक यहीं डेरा जमाएंगे।