फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गामा का टिकट कटा, मेजा से लड़ेंगे राम सेवक

Mon, 23 Jan 2017 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
विज्ञापन
अख‌िलेश यादव - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
गठबंधन के बाद सपा की ओर से जारी प्रत्याशियों की सूची में मेजा के मौजूदा विधायक गामा पांडेय का नाम गायब है। सपा ने  इस सीट से उनका टिकट काटते हुए राम सेवक पटेल को प्रत्याशी घोषित किया है। राम सेवक बारा विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मिले फीडबैक के आधार पर गामा का टिकट कटा है। सपा ने इलाहाबाद की सात सीटों पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। चर्चा है कि इनमें से पांच सीटों पर मामूली फेरबदल किया जा सकता है।
विज्ञापन


सपा ने फाफामऊ, मेजा, करछना, शहर पश्चिमी और शहर दक्षिणी से अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। सीएम एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घोषणा की थी कि पार्टी के मौजूदा विधायक इस बार भी चुनाव लड़ेंगे, लेकिन कांग्रेस से गठबंधन के बाद सपा ने सूची जारी की, उसमें मेजा के मौजूदा विधायक गामा पांडेय का टिकट काट दिया गया। गामा शाम तक क्षेत्र में प्रचार कर रहे थे।उन्हें भी अंदाज नहीं था कि उनका टिकट कटने जा रहा है, लेकिन देर शाम सूची जारी होने के बाद विधायक गामा पांडेय मेजा में नहीं देखे गए। अचानक उनका टिकट कटने से कार्यकर्ताओं में भी उहापोह की स्थिति है।

फिलहाल उनकी जगह राम सेवक पटेल को टिकट दिया गया है, जो वर्ष 1991, 1993 और 1996 का विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट पर जीत चुके हैं। सपा के सूत्रों ने बताया कि तीन बार विधायक रह चुके राम सेवक 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा छोड़ सपा में शामिल हो गए थे। 2012 के चुनाव में भी उन्होंने मेजा से टिकट की मांग की थी, लेकिन उन्हें हताश होना पड़ा था। इस बार वह टिकट पाने में सफल हो गए।  सपा के जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह यादव का कहना है कि मेजा से मौजूदा विधायक का टिकट काटे जाने का फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का है। कार्यकर्ता नए प्रत्याशी का स्वागत करते हैं।
विज्ञापन


उधर सपा ने शहर उत्तरी और कोरांव के साथ सपा ने सोरांव, प्रतापपुर, हंडिया, फूलपुर और बारा सीट पर भी गठबंधन के बाद की स्थिति स्पष्ट नहीं की है। यह तो तय है कि गठबंधन के बाद सपा शहर उत्तरी की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ रही है। कोरांव सीट भी कांग्रेस के खाते में आ सकती है, लेकिन बाकी पांच सीटों का क्या होगा, इस पर असमंजस बना हुआ है। आखिर बाकी सीटों पर सपा ने स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की। इस पर कांग्रेस और सपा के कार्यकर्ताओं में उहापोह की स्थिति है। सपा के सूत्रों का कहना है कि कहीं न कहीं इन सीटों पर पेच है। पार्टी सोरांव, प्रतापपुर, हंडिया, फूलपुर और बारा विधानसभा सीट में मामूली फेरबदल कर सकती है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें