यह बिल्डिंग बनने के बाद आयोग कुल चार हजार अभ्यर्थियों की परीक्षा अपने प्रयागराज और लखनऊ परिसर में करा सकेगा। तब पीसीएस मुख्य परीक्षा, पीसीएस जे मुख्य परीक्षा के लिए दूसरे केंद्र नहीं लेने होंगे। परिसर में ही परीक्षा करा ली जाएगी। आयोग की तैयारी है कि जिस तरह बद्रीनाथ में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा है ठीक उसी प्रकार से नई बिल्डिंग के मध्य में आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
बिल्डिंग और उसमें लगी लिफ्ट में केवल बायोमीट्रिक प्रवेश मिलेगा। यानी बिल्डिंग में आयोग के कर्मचारी और अधिकारी ही प्रवेश कर सकेंगे। अगर परीक्षार्थी या कोई अन्य व्यक्ति बिल्डिंग में प्रवेश करना चाहता है तो इसके लिए किसी कर्मचारी या अधिकारी को अपनी बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी, तभी बिल्डिंग या लिफ्ट का दरवाजा खुलेगा।
ओपेन एयर ऑडिटोरियम भी जल्द होगा तैयार
आयोग परिसर में ओपेन एयर ऑडिटोरियम भी बनाया जा रहा है। यह छह माह में बनकर तैयार हो जाएगा। अगले साल मई-जून तक निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। ओपेन एयर ऑडिटोरियम में शहीद स्मारक भी बनेगा, जिसमें महारानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशशेखर आजाद, भगत सिंह की की प्रतिमाएं होंगी और महात्मा गांधी की दांडीयात्रा प्रदर्शित की जाएगी।
जल्द तैयार हो जाए संग्रहालय
आयोग परिसर में संग्रहालय का निर्माण भी शुरू करा दिया गया है। इसे ‘कल्पवृक्ष’ नाम दिया गया है। इसमें प्रतिदिन 50-100 लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। इसमें आयोग, प्रयागराज और उत्तर प्रदेश का इतिहास प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही शिवगौरी की ऐतिहासिक प्रतिमा, फारसी में रामायण जैसे दुर्लभ संग्रह देखने को मिलेंगे। संग्रहालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा भी लगाई जा रही है।
सारनाथ की तर्ज पर बनेंगे गेट
स्मार्ट सिटी के तहत आयोग के गेट नंबर पांच और छह को सारनाथ की तर्ज पर बनाया जा रहा है। रेड सैंड स्टोन से बनने वाला यह द्वार कुंभ से पहले तैयार कर लिया, जिसमें दोनों गेट सारनाथ की प्रतिकृति जैसे होंगे। इसके निर्माण का काम भी शुरू होने जा रहा है।