मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराई गई रूस की महिला वोल्गा।
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दूतावास ने अपनी सुपुर्दगी में लेने से किया इनकार
अधिकारियों ने रशियन दूतावास से संपर्क करने के बाद बोल्गा की बाबत टेलीग्राम भेजा। उसके पास मिले थैले में रुपये भी थे। गरीबरथ एक्सप्रेस से एक दरोगा और तीन पुलिसकर्मी वोल्गा के साथ दिल्ली रवाना किए गए। शुक्रवार को दिनभर पुलिस उसे लेकर रशियन दूतावास में भटकती रही। वोल्गा के पास जो कागजात थे, वे असली दस्तावेज की छाया प्रति थे। जिसके कारण दूतावास के अधिकारियों ने उसे अपनी सुपुर्दगी में लेने से इनकार कर दिया।
इससे परेशान पुलिस उसे नजदीकी थाने ले जाने लगी, लेकिन वोल्गा दूतावास से निकलने के लिए राजी नहीं थी। बाद में नजदीकी थाने की पुलिस पहुंची और उसे जबरन लेकर बाहर आई वोल्गा को विदेशी पंजीकरण अधिकारी कार्यालय ले जाया गया। यहां से भी महिला की बाबत अभिलेख भेजे गए। पुलिस टीम विदेशी महिला को लेकर इस कार्यालय से उस कार्यालय भटकती रही। लेकिन वोल्गा को अब तक न तो उसका प्रेमी मिला है और न ही घर लौटने की राह।
तीन साल पहले आई थी दिल्ली
वोल्गा के मोबाइल में प्रेमी के साथ किए गए चैट मिले हैं। वह दिल्ली के एक युवक के संपर्क में फेसबुक के जरिए आई थी। इसके बाद दोनों के बीच लगातार चैटिंग होती रही। दोनों के प्यार की कहानी भी मोबाइल के चैट में मिली। बोल्गा के अनुसार, मार्च 2019 में वह दिल्ली आई। प्रेमी युवक के साथ वह दिल्ली में रहती थी।
न्यूरो पैथॉलाजिस्ट है वोल्गा
रूसी महिला वोल्गा न्यूरो पैथॉलाजिस्ट भी हैं। आर्मेनिया की रहने वाली रूसीने मकरचियाम से बातचीत के दौरान वोल्गा ने अपने बारे में जानकारी दी। आपबीती सुनाते हुए उसकी आंखों से आंसू निकलते रहे।