शीशगढ़। आपत्तिजनक टिप्पणी की आरोपी नरगिस का अस्पताल जांच में बिना पंजीकरण के संचालित होता पाया गया। आरोपी अपनी डिग्री भी नहीं दिखा सकीं। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नरगिस के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
18 अगस्त को कस्बा में आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणी को लेकर एक समुदाय के लोगों ने पहले थाने और फिर आरोपी किशोर के घर का घेराव किया था। इस दौरान पुलिसकर्मियों को भी पीटा गया। आरोपी नरगिस ने भी सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी की थी। तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया। वहां से उन्हें जमानत दे दी गई।
झोलाछाप नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. सौरभ ने बताया कि पूर्व में शेरगढ़ के चिकित्सा अधिकारी ने सिद्दीकी अस्पताल एवं मैटरनिटी सेंटर की जांच की थी। यहां एक मरीज भर्ती था। 28 अगस्त को अस्पताल को सील कर दिया गया। संचालक को दस्तावेज दिखाने के लिए समय दिया गया था। तय समय में वह कार्यालय में उपस्थित नहीं हुई।
बिना पंजीकरण के चिकित्सा कार्य करने को लेकर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। शुक्रवार को एक टीम अस्पताल भेजकर अस्पताल पर लगी सील की जांच कराई गई। प्रभारी सीएमओ डॉ. सुदेश कुमारी ने बताया कि अवैध अस्पतालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।