प्रयागराज के अलावा कई अन्य शहरों में हैं खाते
प्राॅपर्टी-शेयर में निवेश के नाम 400 करोड़ रुपये की ठगी के मामले एक नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अलग-अलग कई शहरों में कुल 52 खाते खुलवाए हैं। इनमें दो खाते संयुक्त खाेले गए थे। वहीं, एक खाता अभिषेक द्विवेदी के पिता ओमप्रकाश का है। जिसमें कुल 68 हजार रुपये जमा हैं। इन बैंक खातों को तलाशने में पीड़ित निवेशकों की भी बड़ी भूमिका है।
पुलिस अब इन सभी बैंक खातों का ब्योरा निकालने में जुट गई है। बताया गया कि प्रयागराज के अलावा अन्य कई शहरों में इनके बैंक खाते हैं। पुलिस अब सभी खातों को चिह्नित कर फ्रीज कराने की तैयारी में जुट गई है। छह जून को निहारिका वेंचर्स एंड डेवलपर्स कंपनी पर 400 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगा था। शिवकुटी थाने में करीब दो साै लोगों ने तहरीर में बताया कि कंपनी ने प्राॅपर्टी-शेयर में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर फरार हो गए हैं।
जिसके बाद पुलिस ने कंपनी के निदेशक आरोपी अभिषेक द्विवेदी के पिता ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिय। जबकि निहारिका की लोकेशन गोविंदपुर और अभिषेक की लोकेशन अयोध्या में मिली थी। पुलिस ने दोनों ही जगहों पर दबिश दी। लेकिन, आरोपियों को कुछ नहीं पता चल सका है। बता दें कि पुलिस ने हाल ही में अभिषेक के नाै बैंक खाते को फ्रीज करवाया था। इन खातों में पुलिस को कुल 55 हजार रुपये होने की जानकारी मिली थी। पुलिस का कहना है कि सभी खातों की जाएगी। वहीं, छह जून के बाद से निहारिका द्विवेदी और अभिषेक द्विवेदी का काेई सुराग नहीं लग सका है।