उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के गेट नंबर-दो के सामने चार माह पहले आंदोलन करने वाले अभ्यर्थी बृहस्पतिवार को उसी गेट के सामने जश्न मनाते नजर आए। उन्होंने फूलों होली खेली और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा एक दिन में कराने के निर्णय को छात्र एकता एवं संघर्ष की जीत बताया। आयोग के सामने पिछले साल नवंबर में तकरीबन एक हफ्ते तक चले आंदोलन के दौरान कई अभ्यर्थियों को एसओजी ने उठा लिया था, इन्हीं में से एक अभ्यर्थी आशुतोष पांडेय भी थे, जिन्हें चार दिन बाद जेल से रिहाई मिली थी।
आशुतोष आंदोलन के उन नेतृत्वकर्ताओं में शामिल थे, जिन्हें धरनास्थल से हटाने के लिए प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया था। आशुतोष को धरनास्थल से 14 नवंबर 2024 को उठा लिया गया था और आंदोलन समाप्त होने के बाद 18 नवंबर को रिहाई मिली थी। आयोग के गेट-दो के सामने अभ्यर्थियों ने बृहस्पतिवार को आशुतोष का स्वागत किया और फूलों की होली खेलकर जश्न मनाया। हालांकि, भीड़ बढ़ने पर पुलिस-प्रशासन ने छात्रों को वहां ज्यादा देर रुकने नहीं दिया। इस पर छात्र आजाद पार्क पहुंचे और शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इस मौके पर अनुपम, उदय सिंह, आलोक त्रिपाठी, दिवाकर, शिवम, देवेंद्र, अभिषेक,विवेक, धीरज आदि मौजूद रहे। वहीं, अल्लापुर, सलोरी, बेली, मम्फोर्डगंज, कटरा आदि डेलीगेसी में भी प्रतियोगी छात्रों ने आयोग के निर्णय का स्वागत किया और इसे छात्र आंदोलन की बड़ी जीत बताई। छात्रों ने कहा, चार माह का वक्त बचा है। अब पूरी तरह से परीक्षा की तैयारी में जुट जाएंगे। उधर, प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने उन सभी अधिवक्ताओं व जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद ज्ञापित किया है, जो आंदोलन के दौरान लगातार छात्रों के साथ खड़े रहे। उन्होंने पुलिस के उन दो उच्च अधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया है, जिनकी वजह से पुलिस व छात्रों के बीच कई बार टकराव टला।