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एक जानवर की वजह से चली गईं चार की जान

Mon, 18 Jul 2016 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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कालका एक्सप्रेस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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कालका मेल से रविवार शाम कटे यात्रियों की मौत की मुख्य वजह एक जानवर रहा। दरअसल भागलपुर-एलटीटी एक्सप्रेस से रविवार की शाम एक जानवर कट गया था। इस वजह से ट्रेन के ड्राइवर को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकना पड़ा। ब्रेक लगाने की वजह से निकली चिंगारी और धुएं को यात्रियों ने कुछ और ही समझा। कोई अनहोनी न हो इसके लिए उसके यात्री ट्रेन से कूदकर सुरक्षित स्थान तलाशने के लिए मांडा रोड स्टेशन के प्लेटफार्म की तरफ भागे, लेकिन इस बीच डाउन लाइन पर आई कालका मेल उनके लिए काल बन गई। ट्रेन से कटकर चार यात्रियों की मौत हो गई। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने इस मामले में जांच बिठा दी है।
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गाड़ी संख्या 12335 भागलपुर एक्सप्रेस शाम सात बजे मिर्जापुर से चली। उसका अगला स्टॉपेज छिवकी (इलाहाबाद) में था। शाम 7.45 बजे के आसपास मांडा रोड के मिर्जापुर छोर पर भागलपुर एक्सप्रेस से अचानक एक जानवर कट गया। यह देख ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। इससे इंजन से चिंगारी और धुआं निकलने लगा। इंजन से धुआं निकलता देख ट्रेन के जनरल कोच में बैठे यात्री डर गए। यात्रियों ने चेनपुलिंग की और ट्रेन के रुकते ही नीचे उतर लाइन पार कर प्लेटफार्म की तरफ भागने लगे। वहां भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। इसी बीच डाउन लाइन पर आ रही कालका मेल की चपेट में चार यात्री आ गए। थोड़ी ही देर में वहां चीख पुकार मच गई। उधर रेलवे कंट्रोल को यह सूचना मिली तो इलाहाबाद से मौके पर एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) और एंबुलेंस भेज दी गई। हादसे के बाद काफी देर तक भागलपुर-एलटीटी मांडा रोड में ही खड़ी रही। बताया जा रहा है कि मांडा रोड पर प्लेटफार्म की ऊंचाई ज्यादा होने की वजह से यात्री ऊपर चढ़ नहीं सके थे और कालका की चपेट में आ गए। घटना के बाद रात 9.20 बजे भागलपुर एक्सप्रेस छिवकी पहुंची। यहां रेलवे कर्मचारियों ने ट्रेन के इंजन की जांच की। इस बारे में उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ बिजय कुमार का कहना है कि मामले में मानवीय भूल नजर नहीं आ रही है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। कुछ लोग चुटहिल भी हुए हैं। उन्हें रेलवे की ओर से प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई  गई  है।
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