संगम तट पर बड़े हनुमान मंदिर के पास बमबाजी के मामले में इंटर के तीन छात्रों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से तीन इंटर के छात्र हैं जो अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते हैं। उधर पकड़े गए आरोपियों में साउथ मलाका निवासी मुशीर भी शामिल है। दारागंज पुलिस ने बताया कि युवक को जेल जबकि नाबालिगों का बाल सुधार गृह में भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि घटनास्थल पर मौजूद युवकों-किशोरों से पहले उनकी दोस्ती थी। बाद में किसी बात को लेकर विवाद हो गया और उन्होंने अलग ग्रुप बना लिया। इसके बाद दोनों ग्रुपों में तनातनी रहने लगी और विवाद भी होने लगा। कुछ दिन पहले सिविल लाइंस में भी दोनोें गुटों के बीच भिड़ंत हुई थी।
यही नहीं दारागंज की घटना से पहले सोमवार सुबह भी उनके बीच विवाद हुआ था। इसी रंजिश में वह अपने अन्य साथियों संग हमला करने पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि चारों ने घटना में शामिल अपने कुछ अन्य अफसरों के नाम भी बताए हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। दारागंज इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर युवक को जेल भेजा गया है।
निर्भय नहीं था टारगेट पर
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अब तक कि जांच में यह बात भी साफ हो गई है कि हमलावरों के टारगेट पर मुकदमा दर्ज कराने वाला निर्भय द्विवेदी नहीं था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि उनका विवाद उन लोगों से था जो कभी उनके ग्रुप के सदस्य थे।
गौरतलब है कि इविवि छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी निर्भय ने पुलिस को जो तहरीर दी थी, उसमें खुद को हमलावरों केनिशाने पर होने का आरोप लगाया था। साथ ही यह भी लिखा था कि मौके से पकड़े गए एक युवक से पूछताछ में पता चला था कि वह और उसके साथी उसकी ही हत्या कर शहर में अपने नाम का खौफ फैलाना चाहते थे। दारागंज थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में यह बात साफ हुई है कि हमलावरों का निर्भय से कोई विवाद नहीं था।