कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण करते डीएम
- फोटो : अमर उजाला
प्रतापगढ़ के सरकारी स्कूलों में किस तरह बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है, इसका उदाहरण मंगलवार को जिलाधिकारी द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालय शनिदेवधाम का किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मिला।
स्कूल के तीन कक्षों में भूसा भरा हुआ था। विद्यालय में मात्र चार बच्चों का पंजीकरण था और तीन टीचरों की तैनाती की गई थी। इस पर डीएम ने एनपीआरसी मनोज, हेडमास्टर रमेशदत्त ओझा, सहायक अध्यापिका अनामिका श्रीवास्तव और रीना शुक्ला को निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज कराने को कहा है।
साथ ही बीएसए अशोक कुमार सिंह और खंड शिक्षा अधिकारी सुधीर सिंह को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही मंगलवार को रानीगंज इलाके का भ्रमण करने निकल पड़े। अचानक वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय शनिदेवधाम में पहुंचकर जांच करने लगे।
यहां का नजारा देखकर वह दंग रह गए। स्कूल के तीन कमरों में भूसा भरा था। स्कूल में सिर्फ चार बच्चे पंजीकृत थे और उन्हें पढ़ाने के लिए तीन अध्यापक तैनात किए गए थे। इस पर डीएम ने बीईओ को जमकर फटकार लगाई।