पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद
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एलएलएम छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इस पर आज भी बहस होगी। अर्जी की सुनवाई न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी कर रहे हैं।
याची के अधिवक्ता का कहना है कि चिन्मयानंद से ब्लैकमेलिंग की गई। मांग न मानने पर दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे में फंसाया गया है। पीड़िता के पिता ने लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जबकि, वह अपने दोस्तों के साथ स्वयं रक्षाबंधन से पहले शाहजहांपुर छोड़ चुकी थी और लगातार फोन पर परिवार के संपर्क में थी। ब्लैकमेलिंग कर पांच करोड़ की रंगदारी मांगी।
अधिवक्ता का यह भी कहना है कि लुटियन गिरोह हिंदू संतों को बदनाम करने के प्रयास में जुटा है। धर्म को बदनाम करने के लिए झूठा आरोप लगाया गया है। पीड़िता के अधिवक्ता का कहना था है कि चिन्मयानंद ने जघन्य अपराध किया है। वीडियो साक्ष्य है। एक साध्वी ने भी ऐसा ही आरोप लगाया था। आरोपी के प्रभाव के कारण उसे झूठे आरोप में फंसाया गया है।