जिला न्यायालय ने बलवा और पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने के मामले में इविवि की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह को अग्रिम जमानत पर रिहा करने से इनकार करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश जिला जज विनोद कुमार तृतीय ने डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि को सुन कर दिया है। घटना 12 फरवरी 2019 की कर्नलगंज थाने के बालसन चौराहे की है। तत्कालीन थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप है कि छात्र संघ वार्षिकोत्सव का आयोजन प्रस्तावित था, जिसमें छात्र संघ परामर्श दाई समिति ने आठ फरवरी 2019 को यह निर्णय लिया था कि आयोजन में राजनीतिक दलों के व्यक्तियों को नहीं बुलाया जाएगा। इस निर्णय के बाद भी सपा के बदायूं से सांसद धर्मेंद्र सिंह यादव, फूलपुर के तत्कालीन सांसद नागेंद्र सिंह पटेल, कृष्णमूर्ति यादव सहित बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। पुलिस द्वारा रोके जाने पर सभी बालसन चौराहे पर स्थित गांधी मूर्ति पर माल्यार्पण करने के बहाने एकत्र हुए थे।
उसी समय एकत्रित लोगों ने पुलिस पर ईट पत्थर, लाठी डंडा से हमला कर दिया जिसमें एसएसपी नितिन तिवारी, थाना प्रभारी कर्नलगंज, एसपी सिटी, क्षेत्राधिकारी कर्नलगंज और कई अन्य सिपाहियों को चोटें आई थी। ऋचा सिंह की ओर से न्यायालय में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल कर जमानत पर रिहा किए जाने की याचना की गई। अग्रिम जमानत पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।