आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में हुई अग्रिम विवेचना में पुलिस ने पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी को क्लीन चिट दे दी है। कोर्ट के आदेश से हुई विवेचना के बाद सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक ने स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में अर्जी देकर कहा कि दोबारा जांच में राकेश धर के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता है। इसलिए अग्रिम विवेचना में पाए गए तथ्यों के आधार पर मामला समाप्त किया जाए।
पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मुकदमा सतर्कता विभाग ने मुट्ठीगंज थाने में दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच के बाद राकेश धर के पास एक करोड़ 35 लाख रुपये से अधिक संपत्ति पाई गई। इस आधार पर विवेचक ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम वाराणसी की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया लिया था।
इस बीच स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए के गठन के बाद प्रकरण वाराणसी से स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में आ गया। राकेशधर ने 30 अगस्त 2017 को उत्तर प्रदेश शासन सेे कुछ बिंदुओं पर अग्रिम विवेचना कराए जाने का अनुरोध किया था, जिसके बाद सतर्कता अनुभाग ने सात मई 2018 को अग्रिम विवेचना किए जाने का आदेश पारित किया। विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से अनुमति लेकर विवेचक हवलदार सिंह यादव ने अग्रिम विवेचना की।
आगे की जांच में राकेश धर की आय से अधिक संपत्ति घट कर सिर्फ चार प्रतिशत यानी छह लाख 46 हजार ही अधिक पाई गई।
विवेचक ने स्पेशल कोर्ट को भेजी गई रिपोर्ट में कहा है कि राकेश धर त्रिपाठी की आय की तुलना में अनानुपातिक परिसम्पत्ति चार प्रतिशत अधिक पाई गई है, जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रदत्त दस प्रतिशत छूट से कम है। विवेचक का कहना है कि इस आधार पर राकेश धर के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा का अपराध होना नहीं पाया गया है। विवेचक ने कोर्ट से विवेचना में पाए गए तथ्यों के आधार पर प्रकरण के निस्तारण का आग्रह किया है। स्पेशल कोर्ट ने इस प्रकरण में प्रर्कीण वाद दर्ज किए जाने की सुनवाई के लिए 14 मई की तारीख नियत की है।