व्यवसायिक कदाचार के आरोप में बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की अनुशासन समिति ने कौशांबी जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नर नारायण मिश्र और उनके पुत्र अशोक कुमार मिश्र को पांच साल के लिए डीबार कर दिया है। उनके वकालत करने का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। नर नारायण वर्ष 1972 के पंजीकृत अधिवक्ता हैं तथा कौंशांबी बार एसोिसिएशन के कई बार अध्यक्ष रह चुके हैं। अलगे पांच वर्षों तक दोनों देश की किसी भी अदालत में वकालत नहीं कर सकेंगे।
बार कौंसिल की तीन सदस्यीय समिति ने दोनो पक्षों को सुनकर वकीलों के आचरण व इनके विरूद्ध दर्ज आपराधिक मामले को आधार बनाकर इन्हें व्यावसायिक कदाचार का दोषी माना है।
समिति ने कहा है कि इन दोनो वकीलों ने जानबूझकर गलती की और।व्यावसायिक नियमों का उल्लंघन किया है। एक अधिवक्ता के रूप में इनका आचरण सही नहीं है।
कौशाम्बी, मनौरी के महमूद पुर गांव के निवासी और वकीलों के रिश्तेदार अंजनी कुमार मिश्र ने वकीलों के आचरण व आपराधिक मामले को लेकर मई 2019 मे बार कौंसिल में शिकायत दर्ज कराई थी। इनके विरुद्ध बाल विवाह, जमीन धोखे से लिखाने जैसे दर्ज 16आपराधिक मामलो की सूची पेश की।समिति ने आरोपी वकीलों से सफाई मांगी। और दोनों पक्षों को सुनने के बाद कदाचार का दोषी करार दिया है।