प्रयागराज। बलवा और जानलेवा हमले के मामले में पूर्व विधायक विजमा यादव की जमानत अर्जी स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने मंजूर कर ली है। कोर्ट ने जमानतें दाखिल करने पर उनको रिहा करने का आदेश दिया है। बुधवार को 19 साल पुराने मुकदमे में विजमा के सरेंडर करने पर कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेकर नैनी जेल भेज दिया था। जमानत अर्जी पर स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता लल्लन सिंह को सुनकर आदेश दिया है।
घटना 21 सिंतबर 2000 की सराय इनायत थाने की है। सड़क दुर्घटना में नाबालिग की मौत के बाद लोगों ने सड़क जाम कर बवाल कर दिया था। आरोप है कि विजमा यादव ने अपने समर्थकों के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर लोगों को भड़काया था। जिससे उग्र भीड़ ने पत्थरबाजी की और फायरिंग तथा बमबाजी कर दहशत कायम की और कानून व्यवस्था को छिन्न-भिन्न कर दिया था। घटना में दर्जनों पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों को चोटें आई थी। और पुलिस के वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे।
रंगदारी मांगने के आरोपी की अग्रिम जमानत मंजूर
प्रयागराज। डाक्टर से रंगदारी मांगने के प्रकरण में आरोपी अभियुक्त अभिनव कुमार यादव को जिला न्यायालय ने सशर्त अग्रिम जमानत दे दी है। आवेदक ने आशंका जताई है कि पुलिस उसे फर्जी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। यह आदेश एडीजे दिनेश चन्द ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता विकास गुप्ता को सुनकर दिया है।
प्रकरण झूंसी थाने का है। वादी डा. जीपी शुक्ल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि तीन जुलाई 2019 को वह गोपीगंज जा रहे थे। उसी समय उनके मोबाइल फोन पर किसी संतोष नाम के व्यक्ति का फोन आया और उसने दस लाख रुपए रंगदारी की मांग की थी।
कुछ दिन बाद अभियुक्त राजेश ने संपर्क कर कहा कि उसके पास रंगदारी के लिए फोन आ सकता है। वादी ने राजेश के फोन नंबर के आधार पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अभियुक्त अभिनव कुमार यादव का नाम राजेश के बयान के आधार पर आया। बचाव पक्ष की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी पेश कर कहा गया कि वह निर्दोष है। उसने कोई अपराध नहीं किया है। पुलिस उसे फर्जी फंसा रही है और आशंका है कि उसे जेल भेज देगी। वह नैनीताल स्थित एक फूड कंपनी का कर्मचारी है। याची ने अग्रिम जमानत देने की याचना की। कोर्ट ने याची को इस शर्त पर अग्रिम जमानत दे दी कि वह विवेचना में सहयोग करेगा। देश छोड़कर विदेश नहीं जाएगा और जमानत की शर्तो का उल्लंघन नहीं करेगा।