चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पूर्व सपा विधायक सईद अहमद की संपत्ति कुर्क हो सकती है। जिला न्यायालय ने फरार चल रहे पूर्व विधायक के खिलाफ गिरफ्तारी और कुर्की वारंट जारी किया है। मुकदमे की कार्रवाई स्थगित करने की सईद की अर्जी हाईकोर्ट से पहले ही खारिज हो चुकी है। हाईकोर्ट ने उनको अधीनस्थ न्यायालय में आत्मसमर्पण करने और जमानत की मांग करने का निर्देश दिया था, मगर सईद कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। पुलिस उनको गिरफ्तार भी नहीं कर पाई है।
मामले की सुनवाई 14 जुलाई 2017 को होगी। कुर्की का वारंट सीजेएम रेशमा प्रवीण ने जारी किया है। सईद अहमद के खिलाफ जोगिन्दर सिंह ने सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि सईद ने जोगिंदर सिंह से लाखों रुपये लेकर एक प्लाट बेचने का करार किया था और बाद में जमीन किसी अन्य को बेंच दी। अदालत ने इस मामले में सईद के उपस्थित न होने पर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। अभियुक्त ने इस आदेश के बाद सीआरपीसी की धारा 482 के तहत हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने उनको तीस दिन के अंदर सीजेएम कोर्ट में आत्म समर्पण कर जमानत अर्जी पेश करने का निर्देश दिया था। अभियुक्त ने आत्मसमर्पण नहीं किया। इस बीच जोगिंदर सिंह ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि अभियुक्त अपना सामान हटा रहा है और भागना चाहता है।
अभियुक्त की ओर से अर्जी दी गई है कि उसने सीजेएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जिला जज की कोर्ट में निगरानी दाखिल किया है। निगरानी के निस्तारण तक मुकदमे की कार्यवाही स्थगित की जाए। कोर्ट ने अर्जी इस आधार पर खारिज कर दी है कि अभियुक्त की ओर से कार्यवाही स्थगित किए जाने का कोई आदेश प्रस्तुत नहीं किया गया है। अभियुक्त के खिलाफ गैर जमानती वारंट और कुर्की प्रोसेस जारी करते हुए कोर्ट ने कहा है कि अभियुक्त को मुकदमे की जानकारी होने के बावजूद वह अदालत में उपस्थित नहीं हुआ और न ही अपनी जमानत कराई है।