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कुंभ नगरी प्रयागराज पहुंचे दुनिया के 71 राजनयिक, पुष्पवर्षा और तिरंगे के साथ हुआ स्वागत

Sat, 15 Dec 2018 12:32 AM IST
Vikas Kumar अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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प्रयागराज पहुंचे राजनयिक - फोटो : अमर उजाला
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सृष्टि की रचना के बाद ब्रह्मा की ओर से प्रथम यज्ञ करने का सौभाग्य अर्जित करने वाली संगम की रेती से फिर विश्व कल्याण और सर्वमंगल की कामना का संदेश जाएगा। विविधता में एकता और वसुधैव कुटुंबकम की संकल्पना को और करीब से जानने-समझने के लिए पूरी दुनिया संगम तट पर सिमट आएगी।
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इसे पूरा करने के लिए इस कुंभ में 192 देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। आज 71 देशों का प्रतिनिधिमंडल संगम क्षेत्र पहुंच गया है। जहां पांच घंटे रुककर प्रदर्शनी, डाक्यूमेंटरी आदि के माध्यम से भव्य और दिव्य कुंभ की छवियों को निहारा।
 

राजनयिकों के स्वागत के लिए संगम की रेती सजी

संगम तट - फोटो : अमर उजाला
‘चलो चलें कुंभ’ अभियान का हिस्सा बनने और उसे सार्थक करने वाले राजनयिकों के स्वागत के लिए संगम की रेती सजी। मकसद वही कि राजनयिक भव्य कुंभ की छवियों के साथ जाएं और अपने देशवासियों को भी यहां आने के लिए प्रेरित, प्रोत्साहित करें। यूनेस्को पहले ही दुनिया के सबसे बड़े मेले के रूप में कुंभ को धरोहरों की सूची में शामिल कर चुका है। अब दुनिया भर में इसे साबित करने की कोशिश भी है।

कोशिश है कि एयरपोर्ट से लेकर संगम तक हर जगह, अलग-अलग अंदाज में उनका ऐसा स्वागत हो जो उन्हें अभिभूत करे। खान-पान की व्यवस्था ताज की टीम को दी गई है तो अन्य तैयारियों के लिए दिल्ली की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी जुटी है। प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने भी दावा किया है दुनिया भर के राजनयिकों के स्वागत और उन्हें दिव्य-भव्य कुंभ की छवियों को दिखाने के लिए संगम की रेती पूरी तरह तैयार है।
 

राजनयिक टीम के साथ वीके सिंह - फोटो : अमर उजाला
संगम क्षेत्र में शनिवार को दिव्य-भव्य कुंभ की तैयारियां देखने के लिए विदेशी राजनयिकों का दल विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह साथ पहुंचा है। उनका विशेष विमान सुबह 9.30 बजे बमरौली एयरपोर्ट पर उतरा। वहां से वे होटल पहुंचे हैं। जहां से करीब 10.45 बजे संगम के लिए रवाना हुए।
 

प्लेन से उतरते राजनयिक - फोटो : अमर उजाला
संगम की रेती पर जुटने वाले दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिनिधि आस्था और आधुनिकता के संगम के बीच सनातन धर्म और कुंभ के मर्म को जाना। यह भी कि बिना निमंत्रण कुंभ का आकर्षण करोड़ों श्रद्धालुओं को कैसे रेती तक खींच लाता है। अलग-अलग प्रांत, अलग भाषाएं, अलग मत, पंथ, संप्रदाय लेकिन आस्था का सरोकार एक जिससे बंधकर जनसमुद्र बनता है। कुंभ की यही कस्तूरी लेकर राजनयिक विदा होंगे और अपने देश के लोगों को रेती पर आने की राह दिखाएंगे।  

राजनयिकों का स्वागत करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
संगम में कुंभ पर आधारित प्रदर्शनी देखने के बाद उन्हें प्रोजेक्टर के माध्यम से भी कुंभ की जानकारी दी गई। यहां से वे संगम नोज और वहां से क्रूज से अरैल स्थित टेंटेज सिटी आए।
 

संगम तट - फोटो : अमर उजाला
विदेशी प्रतिनिधि ने यहां बने विशेष गैलरी में अपने-अपने देश का ध्वज फहराया। इसके बाद संगम वापसी कर भोजन किया।
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संगम तट - फोटो : अमर उजाला
खाना खाने के बाद प्रतिनिधि दल बड़े हनुमान मंदिर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, मेला पुलिस लाइन, अस्पताल आदि देखने गए। इसके बाद बमरौली एयरपोर्ट से विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सभी राजनयिकों को विदाई दी।
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