महाकुंभ-2025 की दिव्यता-भव्यता का साक्षी बनने के लिए सात समंदर पार विदेशी मेहमानों में ललक बढ़ गई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टेंट सिटी बसने से पहले ही आस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया के 40 विदेशियों ने महाराजा और डीलक्स श्रेणी के कॉटेज बुक करा लिए हैं। यह पहला मौका है जब टेंट सिटी में ठहरने के लिए संतों, भक्तों और सैलानियों को आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त बंगला भी मिलेगा। इस बार महाकुंभ में बसाई जाने वाली टेंट सिटी में 2,000 कॉटेज लगाए जाएंगे।
महाकुंभ की दिव्यता-भव्यता निहारने के लिए देश-दुनिया से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसे देखते हुए पर्यटन विभाग की ओर से अतिथियों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त टेंट सिटी बसाई जा रही है। इसके लिए 16सौ कॉटेज पीपीपी मॉडल पर अरैल में लगाए जाएंगे। दिल्ली, गुजरात के अलावा प्रयागराज की आठ कंपनियों को इसके लिए भूमि आवंटित कर दी गई है। इसी तरह दो सौ कॉटेज झूंसी में प्रस्तावित सर्किट हाउस के बगल में बनाए जाएंगे।
पहली बार विला के रूप में सैलानियों को ठहरने के लिए बंगले भी बनाए जा रहे हैं। इन बंगलों में दो डबल बेड रूम, ड्राइंग रूम, बाथरूम अटैच, मीटिंग हॉल के अलावा ध्यान कक्ष और प्रार्थना पथ भी होगा। इन बंगलों से अतिथि संगम का विहंगम नजारा भी ले सकेंगे। टेंट सिटी बसाने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अरैल में टेंट सिटी का ठेका आवंटित कर दिया गया है, जबकि झूंसी में दो सौ कॉटेज के लिए इसी हफ्ते टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। इस बीच टेंट सिटी बसने से पहले ही बुकिंग शुरू हो गई है। फिलहाल इंडोनेशिया, आस्ट्रेलिया के 40 विदेशी मेहमानों ने इसमें अपने लिए कॉटेज बुक करा लिए हैं।
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पर्यटन विभाग लगाएगा सौ शाही कॉटेजप्रयागराज। पर्यटन विभाग ने सौ शाही कॉटेज अलग से लगाने का निर्णय लिया है। फोर्ट रोड चौराहे पर 50 कॉटेज लगाए जाएंगे। जबकि, ओल्ड यमुना ब्रिज के नीचे भी 50 कॉटेज अतिथियों के लिए लगाए जाएंगे। ब्यूरो
टेंट सिटी में ठहरने के लिए कॉटेज रेट:
विला एक दिन का किराया- 35 हजार रुपये , सुबह बेड टी, नाश्ता और भोजन साथ में।
महाराज कॉटेज: 24 हजार रुपये, सुबह की चाय, नाश्ता, खाना भी।
डीलक्स कॉटेज: 12 हजार रुपये , चाय, सुबह का नाश्ता, खाना।