छात्रों ने आयोग की दीवार पर लिखा भ्रष्ट सेवा आयोग।
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यही वजह है कि आयोग पर इकट्ठा अभ्यर्थियों के संख्या बल के आगे फोर्स को भी पीछे हटना पड़ा है। अभ्यर्थियों को यह आशंका है कि एक बार नॉर्मलाइजेशन लागू हो गया तो यह स्केलिंग प्रणाली की तरह अभ्यर्थियों के लिए नासूर बन जाएगा और इसकी आड़ में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। आंदोलन में अन्य परीक्षाओं के अभ्यर्थी भी शामिल हैं, क्योंकि किसी भी परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या पांच लाख से अधिक होने पर नाॅर्मलाइजेशन लागू करने की स्थिति आ जाएगी।
प्रतियोगी छात्रों ने आयोग की दीवार पर लिखा लीक सेवा आयोग।
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पीसीएस परीक्षा में तो दिल्ली, एमपी, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों से भी आंदोलन में शामिल होने के लिए छात्र यहां पहुंचे हैं। इसी वजह से आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया है और पहली आयोग के इतिहास में पहली बार एक साथ एक से अधिक परीक्षाओं को लेकर आंदोलन हुआ है।