भारतीय जनता पार्टी ने इलाहाबाद में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। पार्टी ने इलाहाबाद की 12 में आठ सीटें अपने नाम की हैं, जबकि एक सीट सहयोगी दल अपना दल के खाते में आई है। किसी को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि भाजपा आठ सीटों पर कब्जा कर लेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा का इलाहाबाद में खाता भी नहीं खुल सका था। अब तक हुए विधानसभा चुनाव की बात करें तो जिले में पार्टी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1996 में आया था।
तब भाजपा ने जिले में हंडिया, सोरांव, इलाहाबाद उत्तरी एवं दक्षिणी सीट पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा पार्टी ने 1991 और 2002 के चुनाव में तीन-तीन सीटें जीती थीं। इन तीन चुनावों के अलावा पार्टी का जिले में प्रदर्शन कभी भी बेहतर नहीं रहा। इस बार लोकसभा चुनाव की तर्ज पर चली मोदी लहर में पार्टी ने फाफामऊ, शहर उत्तरी, दक्षिणी, पश्चिमी, मेजा, फूलपुर, कोरांव एवं बारा सीट जीती। भाजपा की ओर से कुल नौ सीटों पर ही प्रत्याशी उतारे गए थे।
नौ में से आठ का जीतना पार्टी के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। इतना ही नहीं नगर की तीनों सीटें भी पार्टी ने एक साथ पहली बार जीती। इसमें पश्चिमी विधानसभा में पहली बार कमल खिलाने में पार्टी कामयाब हुई। भाजपा के लिए एक बात और गौर करने वाली है कि उसके सभी विजयी प्रत्याशियों ने बड़े मार्जिन से जीत हासिल की। चुनाव पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने भी इलाहाबाद, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ जिले में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने की बात कही थी। पार्टी के नगर अध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, सुबोध सिंह, सुशील मिश्र आदि ने जीत का श्रेय पीएम मोदी, अमित शाह के साथ केशव प्रसाद मौर्य को भी दिया है।