पिचकारी के दुकानों पर लगी भीड़।
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बग्घीवाले ने दूल्हा-दुल्हन को बैठाने से किया इन्कार, पैदल निकल सकता है जोड़ा
हित कसेरा बताते हैं कि इस बार भी दूल्हा-दुल्हन की बरात निकलेगी, लेकिन थोड़ा हटकर इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। पहले श्यामा भवन के पास से नगर निगम की कूड़ा गाड़ी में दूल्हा-दुल्हन सवार होकर निकलते थे, लेकिन इस बार बग्घी पर होली का लाल जोड़ा बैठाने का निर्णय लिया गया था। वह बताते हैं कि घोड़ी वाले ने रंग से बग्घी खराब होने की बात कहकर बयाना वापस करने की बात कह दी है। ऐसे में अगर बग्घी का जुगाड़ नहीं हो सका तो इस बार दूल्हा-दुल्हन को पैदल ही लेकर निकला जाएगा।
चार गुटों में बंटी जानसेनगंज की होली,घंटाघर के पास हर मुहल्ले का दिखेगा रंग
प्रयागराज। इस बार जानसेनगंज की पुरानी होली, जिसमें पूरे शहर के मुहल्लों का रंग दिखता रहा है, वह चार गुटों में बंट गई है। अब अकेले जानसेनगंज में ही नहीं, डाबर गली, दरबेश्वरनाथ महादेव, आशा कंपनी के पास भी रंग घोला जाएगा।
पुरनिये बताते हैं कि जानसेनगंज चौराहे से घंटाघर की ओर बढ़ने पर शंकर होटल के ठीक नीचे होली के रंगों से कई पीढि़यों का रिश्ता जुड़ा है। जानसेनगंज की होली पूरे में पूरे शहर का रंग होता है और हर मुहल्ले की मस्ती का मिलन भी। यहां तेलियरगंज के भी हुरियारों की बारात आती है और राजापुर से दूल्हा-दुल्हन को लेकर लोग डीजे पर नाचते-गाते उसी जगह आते हैं। पिछले सात साल से इस होली के रंग को खास बनाते आ रहे अनूप वर्मा बताते हैं कि एक दिन पहले से ही यहां लाइट और बाजा लगवा दिया जाएगा। मुहल्ले-मुहल्ले से आने वाली बरातों का जानसेनगंज नवयुवक संघ की ओर से फिर स्वागत किया जाएगा।