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परीक्षा माफिया प्रकरण : छह वर्ष से प्रतियोगी परीक्षाओं के गोपनीय पटल का बतौर सहायक काम देख रहा था बृजपाल

Tue, 31 Jan 2023 09:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रतियोगी परीक्षाओं के पटल पर बिना किसी अधिकारिता के काम करने के मामले में फरार कंप्यूटर सहायक बृजपाल की एडीएम सिटी कार्यालय में गहरी जड़ें लंबे समय से जमी रही हैं। वह पिछले पांच साल 10 महीने से लिपिक लक्ष्मी शंकर के सहायक के तौर पर गोपनीय पटल के काम देख रहा था।
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investigation - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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प्रतियोगी परीक्षाओं के पटल पर बिना किसी अधिकारिता के काम करने के मामले में फरार कंप्यूटर सहायक बृजपाल की एडीएम सिटी कार्यालय में गहरी जड़ें लंबे समय से जमी रही हैं। वह पिछले पांच साल 10 महीने से लिपिक लक्ष्मी शंकर के सहायक के तौर पर गोपनीय पटल के काम देख रहा था।

उल्लेखनीय है कि परीक्षा माफिया प्रकरण में जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी के दफ्तर में तैनात लिपिक लक्ष्मीशंकर यादव को मेजा स्थानांतरित कर दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं समेत अवैध असलहों को सील करने के अलावा सहायक न्याय प्रथम, पटाखों के लाइसेंस, पेट्रोल पंपों की एनओसी जैसे अहम पटल की जिम्मेदारी संभालने वाले लिपिक लक्ष्मीशंकर ने अपने सहायक के रूप में मानदेय पर बृजपाल को रखा था।

पता चला है कि लक्ष्मीशंकर ने इस गोपनीय पटल का चार्ज चार अप्रैल 2016 को लिया, उसके पहले से ही बृजपाल की एडीएम सिटी कार्यालय में पैठ रही है। इस पटल पर आने के बाद लक्ष्मीशंकर ने बृजपाल को कंप्यूटर सहायक के रूप में अपने साथ रख लिया। तभी से बृजपाल गोपनीय पटल के साथ ही पटाखों के लाइसेंस समेत अन्य सरकारी कार्यों का संपादन कर रहा था।

ऐसे में बृजपाल की गोपनीय पटल पर लंबे समय से दखल आला अफसरों की नींद उड़ा सकती है। इसलिए कि वह संघ लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के केंद्र निर्धारण, ड्यूटी के अलावा यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के केंद्र निर्धारण, सेक्टर मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी, डिग्री कॉलेजों में सचल दल और मजिस्ट्रेट की ड्यूटी जैसे कार्यों में भी लक्ष्मीशंकर के सहायक के तौर पर साथ रहा है। इसके अलावा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, कर्मचारी चयन आयोग जैसी परीक्षाओं में भी उसकी सहभागिता रही है। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ा तो कई बड़े अफसरों, कॉलेज प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों तक इसकी आंच पहुंच सकती है।

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investigation - फोटो : सोशल मीडिया

परीक्षा माफिया से संलिप्तता मामले में दोबारा गठित होगी जांच समिति

एडीएम सिटी कार्यालय के लिपिक व सहायक की परीक्षा माफिया से संलिप्तता की जांच के लिए दोबारा समिति गठित की जाएगी। हालांकि इस मामले में जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री मंगलवार की देर शाम तक कोई निर्णय नहीं ले सके थे। वह जल्द ही नए जांच अधिकारी को नामित कर सकते हैं। एडीएम स्तर के अधिकारी से ही इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी।

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