खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आने वाले मामलों की अपील के लिए नवगठित अधिकरण ने विधिवत काम करना शुरू कर दिया है। अधिकरण जिला जज डीएस त्रिपाठी की अध्यक्षता में गठित किया गया है। दो सदस्यीय अधिकरण ऐसे मामलों में अपील की सुनवाई करेगा, जिनमें एडीए स्तर से कार्रवाई की गई है। अधिकरण के पास इलाहाबाद सहित दस जिलों की अपीलें सुनने का क्षेत्राधिकार है। इसके अस्तित्व में आने से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत की जाने वाली कार्रवाई के विरुद्ध अपील का प्रावधान है। अपील एक्ट में अपील सुनने के लिए प्रदेश स्तर पर अधिकरण गठित करने की व्यवस्था है। एक्ट लागू होने के बाद खाद्य अपदूषण मामलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जाने लगी पर इस कार्रवाई के खिलाफ अपील करने हेतु अधिकरण मौजूद नहीं था। लिहाजा अपीलार्थी सीधे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते थे। एक अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को जिला स्तर पर अधिकरण बनाने का आदेश दिया था।
अधिकरण के सदस्य प्रकाश कुमार सिंह के मुताबिक 2006 में एक्ट बनने के बाद अधिकरण की आवश्यकता थी। इलाहाबाद में गठित अधिकरण के अध्यक्ष यहां के जिला जज होंगे। अधिकरण आपराधिक मुकदमों से इतर एडीएम स्तर से की जाने वाली कार्रवाई के खिलाफ अपील सुनेगा। इलाहाबाद अधिकरण के पास प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, रमाबाई नगर, कानपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया और इटावा की अपीलें सुनने का क्षेत्राधिकार है। इनमें से फर्रुखाबाद और प्रतापगढ़ की तीन अपीलें अधिकरण के समक्ष दाखिल हो चुकी हैं जिन पर सुनवाई हो रही है।