माघ मेले की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। मेले का क्षेत्रफल बढ़ाकर 925 हेक्टेयर किया जाएगा।
माघ मेले की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। मेले का क्षेत्रफल बढ़ाकर 925 हेक्टेयर किया जाएगा। इस बार पांच हजार से अधिक संस्थाओं व अन्य को भूखंड आवंटित करने की तैयारी की जा रही है। तीन सितंबर को इसकी समीक्षा मेला प्राधिकरण के सभागार में होगी।
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मंडलायुक्त डॉ.लोकेश एम ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को मेला क्षेत्र में प्रस्तावित मुख्य व गाटा मार्गों का लेआउट / मैप तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। विशेष स्नान पर्वों व दिवस पर भीड़ के दौरान गाटा मार्गों का इस्तेमाल करने से भीड़ प्रबंधन और आवागमन में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए संभावित स्थानों को पहले से चिह्नित कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
पार्किंग के लिए अलग अधिकारी की तैनाती
पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया के मुताबिक पार्किंग व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले को कोई दूसरा काम नहीं सौंपा जाएगा। पार्किंग स्थलों की संख्या 42 है और इसका क्षेत्र 250 हेक्टेयर है। वाहन पार्किंग की क्षमता बढ़ाई जाएगी। यातायात लाइनों की संख्या दो करने का प्रस्ताव है। मंडलायुक्त ने मेला प्राधिकरण के अधिकारियों को कुंभ, माघ मेलों के लर्निंग पॉइंट्स का विस्तृत नोट तैयार करने के लिए कहा है।
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थानों, स्नान घाटों व कैमरों पर भी जोर
मेला क्षेत्र में थानों की संख्या 17 से बढ़ाकर 19, पुलिस चौकियां 42 से 50 और फायर स्टेशनों की संख्या 20 से 22 की जाएगी। फायर वॉच टावर 20 होंगे। महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क की संख्या भी बढ़ेगी। उप मेलाधिकारी विवेक शुक्ला के अनुसार स्नान घाटों की संख्या बढ़ाकर 31 और होल्डिंग एरिया 16 से करने का प्रस्ताव है। मेला क्षेत्र में 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, जबकि नगर क्षेत्र में 1,152 कैमरों के जरिये निगरानी की जाएगी।