फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj Flood : हथिनी कुंड बैराज से और छोड़ा गया पानी, संगमनगरीी में फिर बाढ़ का खतरा बढ़ा

Thu, 04 Sep 2025 09:36 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj Flood News : प्रयागराज में फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हथिनी कुंड बैराज से और पानी छोड़े जाने के कारण गंगा और यमुना में जलस्तर घटने की रफ्तार काफी कम हो गई है। इससे तटवर्ती इलाकों और मुहल्लों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। 
विज्ञापन
Prayagraj Flood : प्रयागराज में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ता दिख रहा है। हथिनी कुंड बैराज से और पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा पहाड़ों पर तबाही वाली बारिश हो रही है जिसका प्रभाव अब यहां भी दिखने लगा है। गंगा और यमुना दोनों ही नदियों के जलस्तर में गिरावट प्रति घंटा 0.25 सेमी ही रह गई है।

दोनों नदियों के जलस्तर में बृहस्पतिवार से गिरावट जारी है। इससे बाढ़ प्रभावित हजारों परिवारों ने राहत महसूस की तथा शिविरों से भी लोग वापस हो चुके हैं लेकिन खतरा एक बार फिर सताने लगा है। एक सितंबर को हथिनी कुंड बैराज में 238759 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे प्रयागराज में यमुना नदी के जलस्तर में एक मीटर तक वृद्धि की बात कही जा रही है। अभी यह पानी आया भी नहीं है कि हथिनी कुंड बैराज से फिर पानी छोड़ दिया गया है। ऐसे में खतरा और बढ़ गया है।

इसी तरह से गंगा के जलस्तर में भी डेढ़ मीटर तक बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। कानपुर से 3.77 लाख क्यूसेक पानी पहले से आ रहा है। इससे कछार के निचले इलाके में पानी भरा हुआ है। पहाड़ों पर लगातार बारिश की वजह से इसमें और बढ़ोतरी हो गई है और आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर में तेज गति से वृद्धि के आसार हैं। इससे भी खतरा बढ़ गया है।

विज्ञापन


इसका असर भी दिखने लगा है। दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट की रफ्तार लगातार कम हो रही है। सिंचाई विभाग की बुधवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार दोनों नदियों के जलस्तर में चार घंटे में मात्र एक सेमी की कमी दर्ज की गई। अफसरों का कहना है कि अब पीछे से ज्यादा पानी आने लगा है। ऐसे में अब जलस्तर एक बार फिर बढ़ोतरी होगी।


 

विज्ञापन

बाढ़ का पानी निकलने के बाद ही होगी घाटों की सफाई

गंगा और यमुना का जलस्तर नीचे जाने के साथ कछारी इलाकों में सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के साथ तीन शिफ्ट में सफाई कराने का आदेश दिया गया है लेकिन दोनों नदियों के घाटों की अभी सफाई नहीं कराई जाएगी। बाढ़ का पानी पूरी तरह से निकलने के बाद ही घाटों की सफाई कराई जाएगी।

पिछले दो महीने में गंगा और यमुना के जलस्तर में चार बार बढ़ोतरी दर्ज की गई। दो बार तो कछारी इलाके की बस्तियों में भी पानी भर गया। इसके साथ दोनों नदियों के घाटों पर भी भारी मात्रा में कचरा एकत्र हो गया है लेकिन नगर निगम की ओर से अभी इनकी सफाई नहीं कराई जाएगी।

गंगा और यमुना दोनों नदियों में पीछे से पानी आ रहा है। इसकी वजह से दोनों नदियों के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी होगी। यानि, घाट फिर डूबेंगे और इसी के साथ कचरा भी आ जाएगा। नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा का कहना है कि इसकी संभावना को देखते हुए घाटों की अभी सफाई नहीं कराई जाएगी। बाढ़ का पानी पूरी तरह से निकलने के बाद ही सफाई कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई की विशेष योजना बनाई गई है। वहां तीन शिफ्ट में सफाई कराई जा रही है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें