बाढ़ का पानी निकलने के बाद ही होगी घाटों की सफाई
गंगा और यमुना का जलस्तर नीचे जाने के साथ कछारी इलाकों में सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के साथ तीन शिफ्ट में सफाई कराने का आदेश दिया गया है लेकिन दोनों नदियों के घाटों की अभी सफाई नहीं कराई जाएगी। बाढ़ का पानी पूरी तरह से निकलने के बाद ही घाटों की सफाई कराई जाएगी।
पिछले दो महीने में गंगा और यमुना के जलस्तर में चार बार बढ़ोतरी दर्ज की गई। दो बार तो कछारी इलाके की बस्तियों में भी पानी भर गया। इसके साथ दोनों नदियों के घाटों पर भी भारी मात्रा में कचरा एकत्र हो गया है लेकिन नगर निगम की ओर से अभी इनकी सफाई नहीं कराई जाएगी।
गंगा और यमुना दोनों नदियों में पीछे से पानी आ रहा है। इसकी वजह से दोनों नदियों के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी होगी। यानि, घाट फिर डूबेंगे और इसी के साथ कचरा भी आ जाएगा। नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा का कहना है कि इसकी संभावना को देखते हुए घाटों की अभी सफाई नहीं कराई जाएगी। बाढ़ का पानी पूरी तरह से निकलने के बाद ही सफाई कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई की विशेष योजना बनाई गई है। वहां तीन शिफ्ट में सफाई कराई जा रही है।