prayagraj news : बसवार गांव में मछुआरों से बातचीत करतीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रविवार को प्रयागराज जिले के बसवार दौरे पर थीं। उन्होंने गांव के मछुआरे समाज से मुलाकात की। लेकिन गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब प्रियंका गांधी के काफिले में भेड़ों का झुंड घुस गया। प्रियंका गांधी यमुना किनारे अपने कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ टूटी हुई नावें देखने पैदल जा रही थीं। इसी बीच भेड़ों का झुंड काफिले में घुस गया।
चरवाहा गेंदा लाल पाल इस घटना से परेशान हो गया। वह डंडे से भेड़ों को हांक कर बाहर निकालने में लगा रहा। कांग्रेस महासचिव के मौके से रवाना होने के बाद बाद गेंदा लाल पाल ने बताया कि उन्हें कुछ देर पहले ही पता चला था कि प्रियंका गांधी यहां आई हैं। काफिले में भेड़ों के झुंड के घुसने के बारे में गेंदा लाल ने कहा कि हमें तो बस इस बात का डर था कि इस भीड़ में कहीं हमारी भेड़ न खो जाए। लेकिन भगवान की कृपा से हमारी सभी 100 भेड़ें मिल गईं।
बुझ गई मछुआरों के घरों की चूल्हे की आग
बता दें कि बालू खनन पर 24 जून 2019 को रोक लगने के बाद से ही बसवार गांव के मछुआरों के घरों की चूल्हे की आग भी बुझ गई। बच्चों की फीस की पढ़ाई और बीमारी में उपचार कराने तक के लिए पैसा भी नहीं रहा। रविवार को जब प्रियंका गांधी बसवार गांव के उत्तर पट्टी पुरवा में पहुंची तो लोगों का दर्द उनके सामने झलक उठा। उन्होंने प्रियंका गांधी से नाव से बालू खनन पर फिर चालू कराने की मांग की।
महिलाओं के झलके आंसू
उत्तर पट्टी पुरवा के विनोद निषाद के मकान के दरवाजे के सामने लगी चौपाल के दौरान न केवल पुरुषों ने, बल्कि महिलाओं के आंसू झलक आए। बोला, दीदी जबसे बालू खनन पर रोक लगी है, तबसे घर का खर्चा चलना मुश्किल हो गया है। शिवलोचन निषाद ने कहा कि यमुना किनारे बालू की खुदाई ही उनके जीवन का स्रोत है।