मामला प्रयागराज के थाना क्षेत्र कोरांव का है। ग्राम बड़ोखर निवासी राजेश केशरी के खिलाफ एक महिला ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया।
इलाहाबाद जिला न्यायालय ने बलात्कार के आरोपी को धमकी देने और स्त्री की लज्जा भंग का दोषी मानते हुए पांच साल के कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमारी की अदालत सुनाया।
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मामला प्रयागराज के थाना क्षेत्र कोरांव का है। ग्राम बड़ोखर निवासी राजेश केशरी के खिलाफ एक महिला ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। शोर मचाने पर वह जान से मारने की धमकी दे कर भाग निकला।
पीड़ित महिला की तहरीर पर पुलिस ने विवेचना के दुष्कर्म का प्रयास और धमकी देने की धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया। जिला न्यायालय में विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से पांच गवाहों को पेश किया गया लेकिन आरोपी पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप सिद्ध न किया जा सका। अदालत में आरोपी को दुष्कर्म के आरोप से बरी करते हुए उसे स्त्री की लज्जा भंग करने और धमकी देने का दोषी करार दिया।