एक दिन पहले सिविल लाइंस में सीज की गई पांच लाख रुपये की बाइक का कोई दावेदार सामने नहीं आया। वाहन के संबंध में न ही कोई कागजात पुलिस के सामने पेश किए गए और न ही इस संबंध में कोई जानकारी लेने पहुंचा। बता दें कि एक दिन पहले चेकिंग के दौरान तत्कालीन एसएसपी के पूर्व स्टेनो एसआई गौरव तिवारी को इस बाइक के साथ रोका गया था।
बिना नंबर की इस बाइक को पुलिस ने एमवी एक्ट के तहत सीज कर थाने में रखवा दिया था। उधर मास्क न लगाने व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में एसआई पर मुकदमा भी लिखा गया था। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बाइक के संबंध में अब तक कोई कागजात उनके समक्ष पेश नहीं किए गए हैं। कागजात मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर लाखों रुपये कीमत की यह बाइक न सिर्फ थाने में तैनात पुलिसकर्मियों बल्कि फरियादियों के लिए भी चर्चा का विषय बनी रही।