नगर निगम के टैक्स विभाग ने गृहकर के बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल 50 हजार रुपये से अधिक के बकाएदारों को नोटिस जारी करने का क्रम जारी है। नोटिस में बकाया भुगतान के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद कर अधिकारी कुर्की और सीलबंदी की कार्रवाई करेंगे।
नगर निगम सीमांतर्गत करीब दो लाख बीस हजार भवनों से गृहकर की वसूली की जाती है। इसमें करीब 23 हजार व्यावसायिक भवन शामिल हैं। इस बार गृहकर के मद में वसूली का लक्ष्य 80 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। पहले कोविड संक्रमण, लॉक डाउन फिर त्यौहार के कारण मासिक वसूली का लक्ष्य पिछड़ गया है। दस फीसदी छूट का लाभ भी लेने में लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। अफसरों के मुताबिक 24 नवंबर तक करीब 37 करोड़ रुपये ही गृहकर के मद में वसूल किए जा सके हैं। यह रकम वह है, जिसका गृहस्वामियों ने स्वेच्छा से भुगतान किया है।
वित्तीय वर्ष के शेष चार महीनों में अफसरों के सामने लक्ष्य के आधे से अधिक रकम की वसूली की जानी है। इसके लिए पहले चरण में 50 हजार से अधिक के बकाएदारों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है। भुगतान न करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कुर्की और सीलबंदी की कार्रवाई होगी। फिर नीलामी की प्रक्रिया भी अमल में लाई जा सकती है।
बड़े बकाएदारों में सरकारी और निजी संस्थान भी शामिल
गृहकर के मद में सरकारी ही नहीं निजी संस्थानों की संख्या अधिक है। दो दर्जन ऐसे बकाएदार हैं, जिनपर गृहकर के मद में 30 से 50 लाख रुपये बकाया है। एनसीजेडसीसी, होटल संतोष पैलेस, चिंतामणि घोष ट्रस्ट समेत कई संस्थान बड़े बकाएदारों की सूची में शामिल हैं।
- गृहकर की वसूली के लिए पहले चरण में सात हजार गृहस्वामियों को नोटिस जारी करने का काम जारी है। इनके खिलाफ कुर्की और सीलबंदी की कार्रवाई की जाएगी। द्वितीय चरण में व्यावसायिक और अन्य बकाएदारों को नोटिस जारी करने की तैयारी है। - पीके मिश्रा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम